
ऋषिकेश, 26 जुलाई — श्री रामायण प्रचार समिति, तुलसी मानस मंदिर में आयोजित 40वें तुलसी जयंती महोत्सव के पंचम दिवस पर पर्यावरण और गंगा स्वच्छता को लेकर विशेष संकल्प लिया गया। इस अवसर पर अयोध्या हनुमानगढ़ी से पधारे महामंडलेश्वर योगीराज महेश योगी महाराज एवं जगन्नाथ आश्रम, हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी अरुण दास महाराज ने सभी ऋषि कुमारों को गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।
महामंडलेश्वर योगीराज महेश योगी महाराज ने कहा कि गंगा भारतीय संस्कृति और परंपराओं की संवाहक है। इसकी पवित्रता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंगा और पर्यावरण दोनों को ही स्वच्छ और संरक्षित बनाना अनिवार्य है।
महामंडलेश्वर अरुण दास महाराज ने भी अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में भी स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। यह न केवल धार्मिक, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।
तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने मंच पर पधारे सभी संतों एवं महामंडलेश्वरों को पुष्पहार एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया।
व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए युवराज स्वामी गोपालाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीराम नाम का स्मरण भवसागर से पार होने का सरल उपाय है। उन्होंने कहा कि रामायण एक ऐसा महाग्रंथ है, जो मानव जीवन को मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा और प्रवचनों के माध्यम से समाज को जागरूक कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाना आज की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मधुसूदन शर्मा, राजेन्द्र कपरूवान, भरत शर्मा, हरीश ढींगरा, विजय कुमार मोतीवाल, लक्ष्मीनारायण जुगराण, रमाकांत भारद्वाज, अभिषेक शर्मा, अमित सक्सेना, राम चौबे, श्याम अरोड़ा, तनुज अरोड़ा, नीलकमल अरोड़ा, राजीव शर्मा, राजेन्द्र सेठी, अजय गर्ग, ललित जिंदल, पंकज शर्मा, मदन मोहन शर्मा, रामचंद्र बाबूराव, मनमोहन शर्मा, अनूप रावत सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।









