गीता आश्रम में जन्माष्टमी महोत्सव: भक्ति और उल्लास का संगम
भजनों की मधुर धुनों से गूंजा आश्रम परिसर, भक्तों ने झूमकर किया संकीर्तन


स्वर्गआश्र/पौड़ी (ऋषिकेश), श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व गीता आश्रम में श्रद्धा और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। आश्रम परिसर को आकर्षक सजावट से संवारते हुए भगवान श्रीकृष्ण का विशेष झूला सजाया गया।
रात्रि भर गूंजे भजन-कीर्तन-
शाम से ही भक्तों की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी। रात 9 बजे से भजन-कीर्तन का कार्यक्रम आरंभ हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। निरंजन बाबा एवं स्थानीय महिला कीर्तन मंडली ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित भजनों की ऐसी मधुर प्रस्तुति दी कि पूरा माहौल भक्ति रस से सराबोर हो गया।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित-
कार्यक्रम में इंद्रप्रकाश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन नगर पंचायत स्वर्गाश्रम, श्रीमती शकुंतला राजपूत (ट्रस्ट अध्यक्ष), डॉ. दीपक गुप्ता, श्रीमती प्रमिला शाह, चंद्र मित्र शुक्ल, त्रिभुवन उपाध्याय, अशोक शर्मा, श्रीमती शशि गुप्ता, उज्ज्वल गुप्ता, प्रेम प्रसाद सहित आश्रमवासी और बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं आगंतुक यात्री शामिल हुए।
बालकृष्ण की आरती और प्रसाद वितरण-
संकीर्तन उपरांत भगवान बालकृष्ण की भव्य आरती पंडित उदयराम और भानु मित्र शर्मा द्वारा संपन्न कराई गई। इसके बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
कृष्ण जीवन और गीता का संदेश प्रेरणादायी: डॉ. गुप्ता-
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. दीपक गुप्ता ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन आदर्श है और गीता का संदेश मानवता को सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।









