कांवड़ यात्रा में महिला सुरक्षा और जागरूकता का अनूठा संगम: ऋषिकेश में शुरू हुआ राष्ट्रीय एवं राज्य महिला आयोग का 5 दिवसीय ‘सम्मान सेतु अभियान’
महिला स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा और परामर्श सेवाओं के लिए लगाया गया विशेष शिविर, हजारों श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ

ऋषिकेश, 04 अगस्त(दिलीप शर्मा): कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता को केंद्र में रखते हुए तीर्थनगरी ऋषिकेश में राष्ट्रीय महिला आयोग एवं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार से पांच दिवसीय ‘सम्मान सेतु अभियान’ महिला जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। एम्स रोड स्थित सीमा डेंटल कॉलेज के निकट आयोजित यह विशेष शिविर 04 से 08 अगस्त तक संचालित होगा, जहां महिला श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों तथा स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, कानूनी सहायता, साइबर सुरक्षा और मनोसामाजिक परामर्श सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ, कई गणमान्य रहे मौजूद
शिविर का उद्घाटन राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर एवं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, सदस्य रुचि भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
“कांवड़ यात्रा केवल आस्था नहीं, सेवा और जनजागरण का भी महापर्व” : विजया राहटकर
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और जनसेवा का भी महापर्व है। उन्होंने कहा कि यात्राएं केवल मंजिल तक नहीं पहुंचातीं, बल्कि समाज के संस्कारों और विचारों को भी दिशा देती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और न्याय संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं तक उनके संवैधानिक अधिकारों और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी सरल एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“वह शक्ति है, वह सशक्त है, वह भारत की नारी है। ना कम में, ना ज्यादा में, वह सब में बराबरी की अधिकारी है।”
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े प्रत्येक विषय पर राष्ट्रीय महिला आयोग सदैव उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
“जागरूकता ही महिला सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव” : कुसुम कंडवाल
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने राष्ट्रीय महिला आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांवड़ मेले जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी जागरूकता को एक साथ जोड़ना अत्यंत सराहनीय और दूरगामी पहल है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों, साइबर सुरक्षा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण, सरकारी योजनाओं तथा सुरक्षा तंत्र के प्रति स्वयं जागरूक हों। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं मुखर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान हजारों महिलाओं और परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण, वितरित की गईं निःशुल्क दवाएं
शिविर के पहले दिन एम्स ऋषिकेश के वरिष्ठ चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम ने बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के उपरांत आवश्यक दवाइयों का भी निःशुल्क वितरण किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।
विधिक जागरूकता, साइबर सुरक्षा और मनोसामाजिक परामर्श की भी व्यवस्था
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अधिवक्ताओं एवं काउंसलरों द्वारा महिलाओं को कानूनी अधिकारों, साइबर अपराधों से बचाव, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (POSH) अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता तथा मनोसामाजिक परामर्श संबंधी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं एवं कानूनी सहायता तंत्र से भी अवगत कराया।
पांच दिन तक मिलेंगी अनेक सुविधाएं
आयोजकों के अनुसार यह बहुआयामी जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर 04 से 08 अगस्त 2026 तक वीरभद्र, ऋषिकेश स्थित एम्स रोड पर सीमा डेंटल कॉलेज के सामने संचालित रहेगा। शिविर में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं को—
- निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
- प्राथमिक उपचार
- आवश्यक दवाइयां
- कानूनी परामर्श
- साइबर सुरक्षा संबंधी सहायता
- मनोसामाजिक काउंसलिंग
- महिला हेल्प डेस्क की सेवाएं
- लगातार उपलब्ध कराई जाएंगी।
भक्तिमय वातावरण में हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर एवं उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सभी कांवड़ श्रद्धालुओं, आगंतुकों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। समापन के दौरान पूरा परिसर “भारत माता की जय” और “गंगा मैया की जय” के उद्घोष से भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।
महिला सुरक्षा और सम्मान को समर्पित महत्वपूर्ण पहल
कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान आयोजित यह ‘सम्मान सेतु अभियान’ महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी जागरूकता और सामाजिक संवेदनशीलता को एक मंच पर लाने की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग का यह संयुक्त प्रयास न केवल महिला श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, बल्कि समाज में महिला सम्मान और अधिकारों के प्रति व्यापक जनजागरूकता का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है।











