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कांवड़ मेला-2026: बढ़ते गंगा जलस्तर के बीच SDRF हाई अलर्ट पर, श्रद्धालुओं से जोखिम न लेने की अपील

ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला के प्रमुख घाटों पर चौबीसों घंटे निगरानी, जल पुलिस व आपदा राहत दल के साथ संयुक्त अभियान

ऋषिकेश, 04 अगस्त(दिलीप शर्मा): कांवड़ मेला-2026 के दौरान गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने ऋषिकेश क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है। श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SDRF की टीमें ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्रों के सभी प्रमुख घाटों एवं संवेदनशील स्थलों पर लगातार तैनात रहकर सतर्क निगरानी कर रही हैं।

तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश पर रोक

गंगा नदी में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए SDRF जवान घाटों पर लगातार गश्त कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी श्रद्धालु अथवा कांवड़िये को गहरे पानी अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। जवान मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाने के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं।

लाउडहेलर से लगातार दी जा रही सुरक्षा संबंधी चेतावनी

श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए SDRF द्वारा समय-समय पर लाउडहेलर के माध्यम से सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, प्रतिबंधित एवं गहरे जल वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

जल पुलिस और आपदा राहत दल के साथ समन्वित सुरक्षा व्यवस्था

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए SDRF, जल पुलिस एवं अन्य आपदा राहत दलों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से सुरक्षा और बचाव संबंधी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। संवेदनशील घाटों पर सभी एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

SDRF की श्रद्धालुओं से विशेष अपील

SDRF ने सभी श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। बढ़ते गंगा जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए अनावश्यक जोखिम लेने से बचने, नदी के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करने तथा प्रशासन एवं सुरक्षा बलों के निर्देशों का पूर्ण पालन करने का आग्रह किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सतर्कता, अनुशासन और प्रशासन के साथ सहयोग ही सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल कांवड़ यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है।

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