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कोलकाता में AWS और Workmates का आयोजन ‘Powering What’s Next’: पूर्वी भारत के तकनीकी भविष्य पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

कोलकाता, ( uttarakhand nation News ) कोलकाता संवाददाता से प्राप्त जानकारी के अनुसार AWS के सहयोग से Workmates Technologies ने कोलकाता के राजकुटीर में “Powering What’s Next” शीर्षक से एक विशिष्ट तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें पूर्वी भारत के 125 से अधिक तकनीकी और व्यावसायिक नेताओं ने भाग लिया। इस सम्मेलन में डिजिटल परिवर्तन, सुरक्षित क्लाउड अपनाने, जेनरेटिव एआई (GenAI) और एंटरप्राइज़ SaaS को लेकर व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत Workmates के सह-संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत कुमार राणा के मुख्य भाषण से हुई। उन्होंने तकनीक को भविष्य के व्यवसायों का आधार बताते हुए कहा कि पूर्वी भारत, विशेष रूप से कोलकाता, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि Workmates का कोलकाता में मुख्यालय होना, इस क्षेत्र की प्रतिभा और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जो भारत की डिजिटल ग्रोथ की आकांक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है।
AWS के प्रिंसिपल BDM जयंत माहले ने “उद्देश्य के साथ आधुनिकीकरण” विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि किस तरह स्पष्ट विज़न के साथ क्लाउड माइग्रेशन से कंपनियाँ ठोस व्यावसायिक परिणाम हासिल कर सकती हैं।
AWS इंडिया और दक्षिण एशिया की जेनरेटिव एआई GTM लीड शिखा आर्य ने “एंटरप्राइज़ के लिए जेनरेटिव एआई” विषय पर सत्र लिया, जहाँ उन्होंने व्यावसायिक दुनिया में जेनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग के उदाहरण साझा किए। उन्होंने बताया कि अब कंपनियाँ एक्सपेरिमेंटेशन से आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी से GenAI को स्केलेबल तरीके से लागू कर रही हैं।
सुरक्षा विषय पर एक पैनल चर्चा हुई जिसमें शामिल थे: AWS इंडिया और साउथ एशिया के सीनियर पार्टनर सॉल्यूशन आर्किटेक्ट नागेश सुब्रमण्यम, Workmates के सह-संस्थापक अनिंद्य सेन, और Workmates के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी आशीष मोहंती। इस चर्चा का विषय था — “2025 में डिज़ाइन से सुरक्षा क्यों ज़रूरी है”।

कार्यक्रम में Workmates के ग्राहकों ने भी अपनी सफलता की कहानियाँ साझा कीं। Hoichoi के आलोक मजूमदार ने बताया कि उन्होंने कैसे AWS और Workmates की सहायता से एक स्केलेबल OTT प्लेटफॉर्म तैयार किया। Support Elders के सुप्रतीक गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए बताया कि कैसे उनकी संस्था तकनीक की मदद से वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, विश्वसनीय और व्यक्तिगत सेवा प्रदान कर रही है।
Zoho के सीनियर एванजलिस्ट राकिब रफीक ने “Scaling SaaS on the Cloud” विषय पर प्रस्तुति दी, जिसमें उन्होंने SaaS प्लेटफॉर्म को टिकाऊ और स्केलेबल बनाने की रणनीतियाँ साझा कीं।

इंटरैक्टिव बूथ और लाइव सॉल्यूशन डेमो के ज़रिये उपस्थित प्रतिभागियों ने Workmates के AI प्लेटफॉर्म और अन्य समाधानों को प्रत्यक्ष अनुभव किया।

शाम का समापन नेटवर्किंग, लाइव डेमो और इस विचार के साथ हुआ कि कैसे तकनीक — सुरक्षा और स्केलेबिलिटी सुनिश्चित करते हुए — व्यवसायों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देने में निर्णायक भूमिका निभा रही है।

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