

देहरादून/उत्तराखंड: 11 सितम्बर– उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदाओं की विभीषिका का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को देहरादून पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया और आपदा की इस घड़ी में उनकी उपस्थिति को प्रदेशवासियों के लिए संवेदनशीलता और संबल बताया।
हवाई सर्वे रद्द, एयरपोर्ट पर हुई अहम बैठक
खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री का आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण रद्द करना पड़ा। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने देहरादून एयरपोर्ट पर ही उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री धामी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और अब तक की राहत व बचाव कार्यवाही की विस्तृत जानकारी पीएम को दी गई।
आपदा वीरों से संवाद, हरसंभव मदद का भरोसा
इसके बाद प्रधानमंत्री ने स्टेट गेस्ट हाउस में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा मित्रों के साथ बैठक की। इस दौरान 22 आपदा प्रभावित और 57 आपदा वीर भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने सभी से संवाद कर उनकी पीड़ा और आपदा की भयावहता को जाना। उन्होंने प्रभावितों को हर संभव मदद और पुनर्वास कार्य में तेजी का भरोसा दिया।

1200 करोड़ की वित्तीय सहायता, पीड़ित परिवारों के लिए राहत पैकेज
समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। साथ ही मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया।
प्रधानमंत्री ने हालिया आपदा में अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत विशेष सहायता का भरोसा दिलाया।
पुनर्निर्माण व पुनर्वास को मिला केंद्र का पूरा सहयोग
प्रधानमंत्री ने राहत व बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से आश्वस्त किया कि प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्निर्माण में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
राज्य सरकार भी मैदान में, मंत्री करेंगे जिलों का दौरा
इससे पहले मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्री मंडल के सदस्य आपदा प्रभावित जिलों का दौरा कर जमीनी हालात का आकलन करेंगे।
बैठक में तय किया गया कि सभी विभाग मिलकर समन्वित प्रयासों से राहत कार्यों को और प्रभावी बनाएंगे। प्राथमिकता होगी – प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नुकसान की व्यापक समीक्षा कर भविष्य की रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समय पर और प्रभावी ढंग से लिए जाएंगे।









