गढ़वाल की छात्रा के फील्ड रिसर्च ने दिखाया असर: उत्तराखंड में जल जीवन मिशन सही दिशा में, लेकिन सुधार की गुंजाइश बरकरार


देहरादून – भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार का हर घर जल कार्यक्रम ग्रामीण जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। पौड़ी जिले के मसाण गांव की मूल निवासी और मुंबई में रह रही 16 वर्षीय छात्रा अवनि नौटियाल की फील्ड स्टडी ने इसकी पुष्टि की है।
मुख्य बिंदु –
- जुलाई 2025 तक 14,985 ग्राम पंचायतों में से 9067 गांव ‘हर घर जल’ प्रमाणित
- कोट ब्लॉक के 6 गांवों में रिसर्च, 60 से अधिक महिलाओं से बातचीत
- महिलाओं को राहत: अब नहीं करनी पड़ती रोजाना 30 मिनट की पैदल यात्रा
- गर्मी में जल संकट अब भी चुनौती, वाल्व छेड़छाड़ से भी प्रभावित आपूर्ति
- सचिव शैलेश बगौली बोले—“युवा पीढ़ी का योगदान उत्साहजनक”
महिलाओं को मिली सबसे बड़ी राहत
अवनि की रिसर्च में सामने आया कि हर घर तक नल से जल पहुँचने से ग्रामीण महिलाओं का जीवन आसान हुआ है। अब उन्हें पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे उनके स्वास्थ्य, समय और मानसिक शांति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
एक प्रतिभागी (चौहान, नाम परिवर्तित) ने कहा:
“पहले हमें दिन में कई बार 30 मिनट पैदल चलकर पानी भरना पड़ता था। गिरने और जंगली जानवरों का डर बना रहता था। अब घर पर नल से पानी आने से यह तनाव खत्म हो गया है।”
बच्चों की स्कूल उपस्थिति भी बढ़ी है, क्योंकि उन्हें पानी लाने के काम में समय नहीं लगाना पड़ता।
चुनौतियां अब भी बरकरार
अप्रैल से जुलाई के बीच पानी की उपलब्धता कम हो जाती है।
अस्थायी रूप से गांवों में जनसंख्या बढ़ने और स्रोतों पर दबाव से दिक्कत आती है।
कुछ गांवों में कंट्रोल वाल्व से छेड़छाड़ के चलते नीचे बसे घरों को पानी नहीं मिल पाता।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि वाल्व पर कम लागत वाले सेंसर लगाकर छेड़छाड़ की सूचना तुरंत दी जा सकती है। साथ ही, स्पष्ट शिकायत निपटान व्यवस्था और तय समय-सीमा वाला सेवा स्तर समझौता जरूरी है।
अवनि नौटियाल का बयान
“जल जीवन मिशन का हर घर जल कार्यक्रम वास्तव में परिवर्तनकारी साबित हुआ है। महिलाओं और बच्चों के जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है। अगर कुछ सुधार किए जाएं तो इसकी प्रभावशीलता और बढ़ सकती है।”
सरकार का रुख
उत्तराखंड पेयजल विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने कहा—
“यह देखकर खुशी होती है कि राज्य की युवा पीढ़ी सरकार के साथ मिलकर चुनौतियों का समाधान खोजने में सक्रिय है। सुश्री नौटियाल की यह रिपोर्ट इस दिशा में सराहनीय प्रयास है।”









