मानसिक स्वस्थता से होगा स्वस्थ समाज का निर्माण एम्स ऋषिकेश में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारंभ

ऋषिकेश, 7 अक्टूबर : एम्स ऋषिकेश में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारंभ मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम के साथ किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने एक सजीव लघु नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रभावशाली संदेश दिया।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर 2025) के उपलक्ष्य में मनोचिकित्सा विभाग द्वारा कॉलेज ऑफ नर्सिंग और आयुष विभाग के सहयोग से यह सप्ताहव्यापी आयोजन 11 अक्टूबर तक चलेगा। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “आपदा ग्रस्त मरीजों एवं उनके परिजनों का मानसिक स्वास्थ्य” रखी गई। छात्राओं ने नाटक के माध्यम से दर्शाया कि बाढ़ या दुर्घटना जैसी आपदाओं के बाद प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है, तथा इस दौरान मनोचिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाएं किस प्रकार सहायक सिद्ध होती हैं।
मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिंद्य दास ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र शारीरिक व सामाजिक कल्याण से सीधा जुड़ा है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति मानसिक रूप से भी स्वस्थ हो।” उन्होंने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य विश्वभर में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर जनजागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, प्रभारी प्रधानाचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग डॉ. जेवियर बेल्सी, मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रो. डॉ. जितेन्द्र रोहिला सहित विभाग के सीनियर व जूनियर रेजिडेंट्स मौजूद रहे।










