उत्तराखंडजनहित

धनतेरस पर परमार्थ निकेतन में दीपावली मिलन एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित — स्वास्थ्य शिविरों की श्रृंखला की हुई घोषणा

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा – “आरोग्य ही सबसे बड़ा धन, स्वास्थ्य के दीप जलाकर करें समाज में आशा का संचार”

पौड़ी/परमार्थ निकेतन (दिलीप शर्मा),18 अक्टूबर : स्वास्थ्य, समृद्धि और शुद्धता के प्रतीक धनतेरस पर्व के शुभ अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में दीपावली मिलन एवं विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए प्रदेशभर में विभिन्न निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की घोषणा की।

स्वामी जी ने कहा कि धनतेरस केवल धन के पूजन का पर्व नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आरोग्य और शुद्ध जीवन का उत्सव है। भगवान धनवंतरि जी के प्राकट्य दिवस के रूप में यह पर्व हमें अपने और समाज के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा, “आरोग्य ही सबसे बड़ा धन है। शरीर स्वस्थ रहेगा तो जीवन में आनंद, समृद्धि और सेवा की भावना स्वतः जागृत होगी। पर्वों को केवल उत्सव न बनाकर उन्हें जनकल्याण का माध्यम बनाना ही सच्ची आराधना है।”

तीन प्रमुख स्वास्थ्य शिविरों की घोषणा

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने धनतेरस के अवसर पर तीन बड़े निःशुल्क चिकित्सा शिविरों की घोषणा की—

  1. हृदय रोग चिकित्सा शिविर – 1 एवं 2 नवम्बर
    इस शिविर में देश-विदेश के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ भाग लेंगे। इसमें प्राथमिक जांच, परामर्श, ईसीजी, बोन डेन्सिटी, ब्लड टेस्ट, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर जांच एवं फ्री दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

2. मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर – 2 से 12 नवम्बर
इस निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में भारत एवं अन्य देशों से वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों की टीम द्वारा जांच और ऑपरेशन किए जाएंगे। विशेष रूप से पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इससे लाभ मिलेगा।

3. मर्म शक्ति चिकित्सा शिविर – 21 एवं 22 नवम्बर
पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति पर आधारित यह विशेष शिविर मर्म थेरेपी के माध्यम से दर्द निवारण एवं शारीरिक संतुलन को पुनः स्थापित करने में सहायक होगा।

एक्यूपंचर चिकित्सा शिविर का समापन

परमार्थ निकेतन में आयोजित पाँच दिवसीय एक्यूपंचर चिकित्सा शिविर का भी आज सफल समापन हुआ। इस शिविर में 600 से अधिक रोगियों ने लाभ प्राप्त किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने एक्यूपंचर के माध्यम से दर्द निवारण, तनाव नियंत्रण एवं स्वास्थ्य संवर्धन के उपाय बताए।

समापन अवसर पर रूद्राक्ष के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया गया।

स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार का केंद्र — परमार्थ निकेतन

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि “जब हम दीप जलाते हैं तो केवल घर नहीं, हृदय भी प्रकाशित होता है। स्वास्थ्य के दीप जलाकर हम समाज के हर कोने में आशा और जीवन की ज्योति फैला सकते हैं।”

उन्होंने प्रदेशवासियों, साधु-संतों, युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों से आह्वान किया कि वे इन स्वास्थ्य शिविरों में अधिकाधिक लोगों को जोड़ें और जन-जन तक स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने में सहयोग करें।

स्वामी जी ने यह भी बताया कि आने वाले समय में परमार्थ निकेतन द्वारा स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।

Related Articles

Back to top button