युवाओं में बढ़ता हृदय रोग समाज के लिए खतरा – एम्स ऋषिकेश में हृदय रोगों के आधुनिक इलाज पर देश-विदेश के विशेषज्ञों का मंथन
तीन दिवसीय यूकेसीएसआई सम्मेलन में नई तकनीकों के प्रयोग और जागरूकता पर दिया गया जोर

ऋषिकेश, 8 नवम्बर (दिलीप शर्मा) : एम्स ऋषिकेश में आयोजित यूकेसीएसआई (UKCSI) उत्तराखण्ड चैप्टर के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में हृदय रोगों के इलाज में नवीनतम तकनीकों को अपनाने और बढ़ती हृदय रोग की समस्या पर चिंता व्यक्त की गई। सम्मेलन में देश-विदेश से आए हृदय रोग विशेषज्ञों ने बताया कि आज के दौर में युवा वर्ग भी तेजी से हृदय रोग की चपेट में आ रहा है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस सम्मेलन में एक्यूट कोरोनरी सिन्ड्रोम, मास्टेरिंग कॉम्प्लेक्स पीसीआई, स्टेंटलेस पीसीआई, क्रोनिक टोटल ऑक्लूजन्स, स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन्स, पेसमेकर एंड रिदम तथा पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी जैसे विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने हृदय रोगों के निदान और उपचार में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग पर बल दिया।
आधुनिक तकनीकों से जटिल हृदय रोगों का इलाज संभव
सम्मेलन के आयोजन सचिव और एम्स ऋषिकेश के कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ. बरूण कुमार ने बताया कि हाल के वर्षों में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में कई उन्नत तकनीकें विकसित हुई हैं, जो गंभीर रोगियों को समय पर उपचार देकर जीवन बचाने में मददगार हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य विशेषज्ञों को हृदय रोगों के नवीनतम उपचार उपायों से अवगत कराना और आपसी अनुभव साझा करना है।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और केस स्टडी
सम्मेलन के दूसरे दिन देश के नामी कार्डियोलॉजिस्ट — डाॅ. अम्बुज राय, डाॅ. नागेन्द्र चौहान, डाॅ. अमित चौरसिया, डाॅ. रजनीश कपूर, डाॅ. एस. रामाकृष्णन, डाॅ. नागेश्वर राव, डाॅ. ऋषि सेठी और डाॅ. अरुण मोहंती — ने हृदय रोगों की जटिलताओं और उपचार तकनीकों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। साथ ही, कोरोनरी स्ट्रक्चरल, पेसिंग और कोरोनरी इंटरवेंशन जैसे विषयों पर केस प्रजेंटेशन सत्र आयोजित हुए। देशभर के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पोस्टर प्रजेंटेशन के माध्यम से हृदय रोगों की जटिलताओं और निदान संबंधी तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी।
वरिष्ठ विशेषज्ञों की उपस्थिति से सजी वैज्ञानिक संगोष्ठी
सम्मेलन में एम्स ऋषिकेश की डीन एकेडमिक और विशिष्ट अतिथि प्रो. जया चतुर्वेदी, पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक एवं पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली के चेयरमैन कार्डियक साइंसेज प्रो. के.के. तलवार, आयोजन अध्यक्ष डाॅ. अमर पाल सिंह गुल्हाटी, सह-आयोजन अध्यक्ष प्रो. भानु दुग्गल, आयोजन सचिव डाॅ. बरूण कुमार, कन्वेनर डाॅ. प्रीति शर्मा सहित कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में डाॅ. आम्रपाली गुल्हाटी, डाॅ. अमर उपाध्याय, डाॅ. राज प्रताप सिंह, डाॅ. तनुज भाटिया, डाॅ. प्रकाश पंत, डाॅ. शिष्य पाल सिंह, डाॅ. अनुराग रावत, डाॅ. सलिल गर्ग तथा अंतरराष्ट्रीय फेकल्टी डाॅ. फिरोज अब्दुल, डाॅ. चेतन वर्मा, डाॅ. विनोद शर्मा, डाॅ. सतीश कुमार और डाॅ. सुवेन कुमार भी उपस्थित रहे।
सम्मेलन में देश-विदेश के कार्डियोलॉजिस्ट, मेडिकल शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सक तथा डीएम/डीएनबी छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए।









