राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर परमार्थ निकेतन में देवभक्ति संग देशभक्ति का आह्वान
अरुणाचल प्रदेश की मंत्री श्रीमती दासंगलु पुल ने 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संग की गंगा आरती; ब्रह्मपुत्र तट पर आरती शुरू करने पर हुई सार्थक चर्चा

ऋषिकेश, 11 नवम्बर (दिलीप शर्मा) : राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में माँ गंगा की आरती का दृश्य अद्भुत भक्ति और राष्ट्रप्रेम के संगम का प्रतीक बना। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश की महिला एवं बाल विकास, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्रीमती दासंगलु पुल 16 अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल सहित आरती में सम्मिलित हुईं।

कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत और उत्तर भारत के सांस्कृतिक संबंधों को नए आयाम देने की दिशा में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर भी गंगा आरती जैसी आरती शुरू करने पर चर्चा हुई। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने राष्ट्रभक्ति आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “राष्ट्र है तो हम हैं, शिक्षा में यह भाव होना चाहिए।” उन्होंने दिल्ली धमाके में मृतकों के लिए श्रद्धांजलि और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
मंत्री श्रीमती पुल ने कहा कि परमार्थ की आरती देवभक्ति के साथ देशभक्ति का भी संदेश देती है और यह ऊर्जा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रहित के संकल्पों को भी सशक्त करती है।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि परमार्थ निकेतन की आरती आज विश्वभर में भारत की आध्यात्मिक पहचान बन चुकी है।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल करियर का साधन नहीं, बल्कि चरित्र, समर्पण और राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बने — यही सच्चे शिक्षित समाज का आधार है।









