
देहरादून, 11 नवंबर (दिलीप शर्मा) : मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। उनके नेतृत्व में जिले के सरकारी विद्यालय अब निजी स्कूलों के समान आधुनिक और सुविधायुक्त हो गए हैं।
‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ के तहत जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से विद्यालयों की मॉनिटरिंग की और शिक्षा व्यवस्था को न केवल बेहतर, बल्कि आकर्षक और बाल-मित्रवत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए।
स्मार्ट क्लासरूम से लेकर खेल मैदान तक – बदली स्कूलों की सूरत –
‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ के अंतर्गत देहरादून जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में अब स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, वाइटबोर्ड, एलईडी बल्ब, खेल मैदान और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।
- 379 जल टंकियां और 820 मंकी नेट लगाए गए हैं।
- 428 बेबी स्लाइड और 321 झूले प्राथमिक विद्यालयों में लगाए गए।
- माध्यमिक विद्यालयों में 77 वॉलीबॉल कोर्ट और 129 बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण किया गया।
- 474 विद्यालयों की दीवारों पर ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स बनाकर वातावरण को शिक्षाप्रद बनाया गया है।
कॉर्पोरेट संस्थाओं का सहयोग – शिक्षा के लिए संवेदनशील पहल –
- ओएनजीसी ने 34 विद्यालयों को 1974 फर्नीचर सेट उपलब्ध कराए।
- हुडको ने 629 प्राथमिक विद्यालयों को 567 फर्नीचर सेट दिए।
- जिला खनिज न्यास द्वारा 119 विद्यालयों को 4260 फर्नीचर सेट प्रदान किए गए हैं।
साथ ही 168 विद्यालयों में स्मार्ट टीवी लगाने की प्रक्रिया जारी है।
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में डिजिटल युग की शुरुआत –
जिले के तीन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (त्यूनी, कोरबा और कालसी) को पूर्ण रूप से डिजिटल बनाया जा रहा है।
इन विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड, इंटरनेट कनेक्शन, सीसीटीवी कैमरे, इन्वर्टर, प्रिंटर, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, वाटर प्यूरिफायर, डाइनिंग टेबल, स्टडी टेबल, रोटी मेकर, गीजर और स्पोर्ट्स शूज जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
केजीबीवी कोरवा में तो अतिरिक्त रूप से 100 कुर्सी-टेबल, 16 सीसीटीवी कैमरे, 30 रूम हीटर, वाईफाई इंटरनेट, 19 डाइनिंग टेबल और 150 कुर्सियाँ भी दी गई हैं। विद्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर और सफाई कर्मी की नियुक्ति भी की गई है, जिनके लिए सालाना 4 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
जिला प्रशासन की पहल – शिक्षा में निवेश, भविष्य में निवेश –
जिलाधिकारी सविन बंसल ने विद्यालयों की सुविधाओं के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि मुख्य शिक्षा अधिकारी के व्ययाधिकार पर रखी है।
- प्रथम चरण में 94 लाख रुपये और
- द्वितीय चरण में 97.80 लाख रुपये की धनराशि विकासखंडवार आवंटित की गई है।
अब तक—
- 18.41 लाख रुपये से वाइटबोर्ड,
- 27 लाख से जल टंकियाँ,
- 47.26 लाख से मंकी नेट,
- 23.26 लाख से झूले,
- 29.75 लाख से बेबी स्लाइड,
- 39.35 लाख से बैडमिंटन कोर्ट,
- 12.60 लाख से पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए जा चुके हैं।
शिक्षा के साथ संस्कारों पर भी जोर –
डीएम की पहल पर प्रत्येक विद्यालय में अब अखबार, पत्रिकाएं, शब्दकोश, महापुरुषों की जीवनी और ज्ञानवर्धक कामिक्स उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि विद्यार्थी केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति की समझ भी विकसित कर सकें।









