
ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) 24 अक्टूबर : भारतीय टेलीविजन और सिनेमा जगत के वरिष्ठ अभिनेता पंकज धीर की आत्मा की शांति के लिए आज परमार्थ निकेतन में विशेष शांति पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र निकितन धीर, पत्नी अनीता धीर, पुत्री नितिका शाह, जामाता रुशांग शाह, तथा परिजनों विपिन खन्ना और पिंकी खन्ना सहित पूरा परिवार उपस्थित रहा।
धीर परिवार ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज से भेंट कर अपने प्रिय पिता और पति की यादें साझा कीं। स्वामी जी ने पंकज धीर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि,
“पंकज धीर केवल अभिनय से ही नहीं, बल्कि संस्कारों और अपने व्यवहार से भी कर्ण की तरह थे — उदार, मिलनसार और संस्कारी। उन्होंने अपने जीवन में जो मूल्यों की परंपरा स्थापित की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।”
स्वामी जी ने आगे कहा कि कलाकार समाज का दर्पण होता है और पंकज धीर जी ने अपने अभिनय के माध्यम से संस्कृति, निष्ठा और आदर्शों का संदेश दिया।
धीर परिवार ने बताया कि पंकज धीर जी का जीवन केवल अभिनय तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक आदर्श पिता, जिम्मेदार परिवार पुरुष और संवेदनशील नागरिक थे। उनके भीतर विनम्रता और कर्मठता का सुंदर संगम था।
पंकज धीर जी को भारतीय दर्शक आज भी बी. आर. चोपड़ा के कालजयी धारावाहिक “महाभारत” में कर्ण की भूमिका के लिए याद करते हैं। इस किरदार ने उन्हें हर घर में लोकप्रिय बनाया। इसके अलावा उन्होंने सड़क, सोल्जर, बादशाह, तार्जन: द वंडर कार जैसी कई फिल्मों और चंद्रकांता जैसे धारावाहिकों में भी अपनी यादगार छाप छोड़ी।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि पंकज धीर जी की विरासत केवल पर्दे पर निभाए गए किरदारों में ही नहीं, बल्कि उनके जीवन दृष्टिकोण और संस्कारों में भी जीवित है। उन्होंने कहा —
“यादें और संस्कार ही हमें प्रियजनों के निकट बनाए रखते हैं, और यही सच्ची श्रद्धांजलि है।”
कार्यक्रम के अंत में धीर परिवार ने श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत होकर पंकज धीर जी की स्मृतियों को नमन किया तथा परमार्थ निकेतन परिवार ने भी उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।









