Blog

लोकमानिलाल एवं दयाकांति देवी पुरस्कार-2025 सम्पन्न, शिक्षा व पत्रकारिता के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं का हुआ सम्मान

प्रयागराज में आयोजित समारोह में स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा— “भारत का भविष्य कक्षाओं में बैठा हर विद्यार्थी”

प्रयागराज/ऋषिकेश, 16 नवम्बर : एमपीवीएम, गंगा गुरुकुलम्, प्रयागराज में “लोकमानिलाल एवं दयाकांति देवी पुरस्कार-2025” का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। समारोह में भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार और आधुनिक विज्ञान के समन्वय को शिक्षा का आधार बताते हुए उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि शिक्षा केवल जानकारी नहीं, बल्कि ज्ञान, विवेक, सेवा और चरित्र निर्माण का मार्ग है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रनिर्माण, पर्यावरण और मानवीय मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
राष्ट्रीय पत्रकार दिवस पर स्वामी जी ने पत्रकारों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पत्रकारिता सत्य और समाज सेवा का पवित्र माध्यम है, जो राष्ट्र को दिशा प्रदान करती है।

विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार जैन सहित वरिष्ठ शिक्षाविदों ने एमपीवीएम समूह की भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा पद्धति की सराहना की और कहा कि यह पुरस्कार उन अनदेखे नायकों को सम्मानित करता है जो समर्पण भाव से मूल्यनिष्ठ शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरक संदेशों ने आध्यात्मिक वातावरण बनाया। कार्यक्रम के दौरान सोनिया दत्त, डॉ. उर्वशी साहनी, चारु सेठ और सौम्या तनेजा को पुरस्कृत किया गया।

अंत में विद्यालय परिवार ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान-विज्ञान और संस्कृति की यह ज्योति आगामी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

Related Articles

Back to top button