
ऋषिकेश, 24 नवंबर (दिलीप शर्मा) : शासन के निर्देशानुसार आज श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में ‘हिंद की चादर’ गुरु तेग बहादुर सिंह जी के शहीदी दिवस पर एक भव्य और अनुशासित कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी के साथ हुई, जिसमें विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, छात्र-छात्राएँ, एनसीसी कैडेट्स तथा एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
राष्ट्र सर्वोपरि—गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से सीखें : प्रधानाचार्य
प्रभात फेरी के उपरांत विद्यालय परिसर में राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा कि राष्ट्र, धर्म और मानवता सदैव सर्वोपरि हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि किसी भी परिस्थिति में अन्याय, जुल्म या गुलामी को स्वीकार न करें—भले ही इसके लिए प्राणों की आहुति ही क्यों न देनी पड़े।

कार्यक्रम का मनमोहक और प्रेरक संचालन
मंच संचालन का दायित्व विद्यालय के सम्मानित शिक्षक सुनील थपलियाल ने संभाला। उन्होंने बच्चों को गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसे विद्यार्थियों ने बड़े ध्यान से सुना।
इसके बाद जयकृत रावत ने शहीद दिवस से जुड़ी प्रेरणादायक तथा शिक्षाप्रद कहानियाँ सुनाकर बच्चों को राष्ट्रप्रेम और त्याग की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

शिक्षिकाओं ने देशभक्ति गीतों से बाँधा समां
कार्यक्रम का वातावरण उस समय और भी भावुक हो उठा जब विद्यालय की शिक्षिकाएँ — श्रीमती नीलम जोशी, श्रीमती ज्योतिर्मय शर्मा और श्रीमती सुशीला बर्थवाल — ने मनोभावों को स्पर्श करने वाला सुंदर राष्ट्रभक्ति गीत प्रस्तुत किया।
औरंगजेब के अत्याचारों के विरुद्ध गुरु तेग बहादुर जी की शहादत ऐतिहासिक उदाहरण
समापन सत्र में प्रधानाचार्य त्रिपाठी ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब के अत्याचारों, धार्मिक दमन तथा उसके विरोध में गुरु तेग बहादुर जी द्वारा दी गई अमूल्य शहादत के बारे में विद्यार्थियों को ऐतिहासिक और प्रेरणादायक जानकारी दी।
कार्यक्रम में रहे ये विशिष्ट उपस्थित
इस अवसर पर शिव प्रसाद बहुगुणा, नवीन मेंदोला, संजीज चौधरी, रंजन अंथवाल, एनसीसी अधिकारी विकास नेगी, अजय कुमार, हरी सिंह, रमेश बडोला, नितिन जोशी, रेखा बिष्ट, रंजना, शकुंतला आर्य, सुमित्रा, राजीव और आशीष सहित अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सभी के सहयोग और सक्रिय सहभागिता से गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस अत्यंत शालीन, प्रेरणादायक और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।









