क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला 2026: दूसरे दिन गायन प्रतियोगिताओं व लोकगायन ने बांधा समां
विद्यालयी व ओपन प्रतिभागियों की शानदार प्रस्तुतियां, देर रात तक गढ़वाली गीतों पर झूमते रहे दर्शक



मुनिकीरेती/टिहरी (दिलीप शर्मा): मुनिकीरेती-ढालवाला क्षेत्र में आयोजित क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला 2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक गतिविधियों की धूम रही। कार्यक्रम का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान व संगठन के सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इसके पश्चात विद्यालयी छात्र-छात्राओं एवं ओपन वर्ग के प्रतिभागियों के मध्य एकल व सामूहिक गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी।

इसके बाद सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक विनोद बिजल्वाण, रमेश उनियाल, विवेक नौटियाल, लोकगायिका अनीशा रांगड़ तथा शिवानी नेगी की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में समां बांध दिया। विनोद बिजल्वाण ने “दैणा हो”, “खोली का गणेशा” व “घंटाकर्ण स्तुति” जैसे लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। विवेक नौटियाल ने “रम्म झम्मा”, “द्यो लगी” और “रूप कू मंत्र” प्रस्तुत किए। वहीं रमेश उनियाल व अनीशा रांगड़ ने “छल कपट” और “सपना स्याली” जैसे गीतों से रंग जमाया। शिवानी नेगी की “माया लगोलू”, “बिरजु सुनार” और “तुम्हारी खुद मां” जैसी प्रस्तुतियों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।

कार्यक्रम में समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, सभासद विनोद खंडूड़ी, ब्रिजेश गिरी, लक्ष्मण भंडारी, गजेंद्र सजवाण, स्वाति पोखरियाल, विनोद सकलानी, क्रेजी फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष डिमरी, राफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी, अशोक क्रेजी, सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन के सचिव भगवती प्रसाद उनियाल, वरिष्ठ सचिव गोपाल दत्त खंडूरी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त जबर सिंह पंवार, खुशहाल सिंह राणा, सतेन्द्र रावत, गोरा सिंह पोखरियाल, गुरू प्रसाद बिजल्वाण, हृदय राम सेमवाल, देवेन्द्र दत्त जोशी, ओम प्रसाद थपलियाल, राजेंद्र सिंह भंडारी, कन्हैया लाल सेमवाल, केसर सिंह पंवार, जयपाल सिंह नेगी, शंकर दत्त पैन्यूली, पूर्णानंद बहुगुणा, विशालमणी डबराल, हेमन्ती मंदवाण, कुसुम बिजल्वाण, महालक्ष्मी बिजल्वाण, उमा ड्योंडी, प्रेम सिंह चौहान, दर्मियान सिंह जेठुड़ी, सूरत सिंह रावत, शंकर नौटियाल, उल्लास बहुगुणा, अतुल उनियाल, तुषार जगूड़ी, राजन बिष्ट, किरण चौहान, आरती चौहान, दीपा भट्ट, सीमा बिजल्वाण, देवस्पति बिजल्वाण, रामकृष्ण पोखरियाल तथा सफाई निरीक्षक कमल चौहान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दूसरे दिन का कार्यक्रम लोकसंस्कृति, संगीत और प्रतिभा के उत्सव के रूप में यादगार बन गया, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शकों की सहभागिता ने मेले की भव्यता को और बढ़ा दिया।









