गीता जयंती पर विद्यालयों में विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित
स्वामी उत्तमानंद सरस्वती व महंत सुनील भगत ने किया शुभारंभ, छात्रों में दिखा उत्साह


मुनिकीरेती/ऋषिकेश,01दिसम्बर(दिलीप शर्मा) : गीता जयंती के पावन अवसर पर मान्यता प्राप्त विद्यालय प्रबन्धकीय एसोसिएशन ऋषिकेश द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विभिन्न विद्यालयी प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन श्री स्वामीनारायण आश्रम, शीशम झाड़ी, मुनिकीरेती में किया गया। कार्यक्रम में श्लोक वाचन, श्लोक संभाषण, सुलेख-सुलेखन, चित्रकला एवं फैंसी ड्रेस जैसी प्रतियोगिताओं में प्राथमिक, जूनियर एवं सीनियर वर्ग के छात्रों ने उत्साहपूर्ण सहभागिता की। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
प्रेरक संदेशों के साथ हुआ आयोजन का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ प्रेरक गीताचार्य स्वामी उत्तमानंद सरस्वती महाराज एवं कार्यक्रम संयोजक स्वामीनारायण आश्रम के महंत सुनील भगत ने संयुक्त रूप से किया।

गीता—जीवन का मार्गदर्शन : स्वामी उत्तमानंद सरस्वती
गीता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वामी उत्तमानंद सरस्वती ने कहा कि गीता श्री कृष्ण के मुख से निकला दिव्य काव्य है, जिसमें जीवन जीने की समग्र कला निहित है। उन्होंने कहा कि गीता मनुष्य को धर्म, कर्तव्य और श्रेष्ठ कर्म की शिक्षा देती है।
उलझनों का समाधान है गीता : महंत सुनील भगत
महंत सुनील भगत जी ने कहा कि गीता मानव जीवन की उलझनों की युक्ति है और इसमें हर अनसुलझी समस्या का समाधान मिलता है।
छात्रों के लिए बौद्धिक विकास का माध्यम : एसोसिएशन पदाधिकारी
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि अध्ययन काल में गीता का पाठ छात्रों की बौद्धिकता को विकसित करता है।
उपाध्यक्ष राहुल रावत ने कहा कि गीता का सार यही है कि जीवन की माया-रचित समस्याओं से भागना नहीं, बल्कि दृढ़ होकर उनका सामना करना चाहिए।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में महासचिव राजीव थपलियाल, संजय पांडेय, मधुर जखमोला, राकेश त्यागी, दीपक बिष्ट, रवप्रीत छाबड़ा, मीनाक्षी रावत, राहुल त्रिपाठी, खुशवंत नेगी, रामकृष्ण पोखरियाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









