उत्तराखंडएम्स ऋषिकेश

एम्स ऋषिकेश में अस्थि व सारकोमा कैंसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

समय रहते पहचान और इलाज से बचाई जा सकती है जिंदगी : विशेषज्ञ

ऋषिकेश, 22 जुलाई 2025 –  एम्स ऋषिकेश में जुलाई माह को सारकोमा और अस्थि कैंसर जनजागरूकता माह के रूप में मनाते हुए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान और इलाज से इन जटिल कैंसरों से जीवन बचाया जा सकता है।

कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सहरावत ने बताया कि सारकोमा एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है, जो सॉफ्ट टिशू और हड्डियों में उत्पन्न होता है। इसके शुरुआती लक्षण – गांठ, दर्द या सूजन – को अक्सर मामूली मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री (IHC) और आणविक निदान जैसी तकनीकों से इसकी पहचान संभव है।

डॉ. सहरावत ने कहा कि भारत में ऑस्टियोसारकोमा और इविंग सारकोमा के इलाज में ऑपरेशन और कीमोथेरेपी के संयोजन से 75-80% तक जीवित रहने की दर हासिल की गई है। बच्चों और युवाओं में पाए जाने वाले इविंग सारकोमा के लिए अब फ्लोरोसेंट इन सीटू हाइब्रिडाइजेशन तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है।
डॉ. दीपक सुंदरियाल ने कहा कि सही समय पर इलाज न सिर्फ जीवन बचाता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर करता है। कार्यक्रम में यह अपील की गई कि लोग इस कैंसर के प्रति सजग हों और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।

कार्यक्रम संयोजक अंकित तिवारी, कुमुद बडोनी सहित सीनियर रेसिडेंट डॉ. साईं प्रसाद व समाजसेवी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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