उत्तराखंडजनहितटिहरी गढ़वाल

पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना में जिला प्रशासन की सराहनीय पहल, जिलाधिकारी ने लाभार्थी बच्चों से किया संवाद, भविष्य के लिए किया मार्गदर्शन

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व करियर को लेकर जिला प्रशासन ने दिया भरोसा

टिहरी, 24 दिसम्बर ( दिलीप शर्मा): जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल द्वारा पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत पंजीकृत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर संवेदनशील और सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल ने योजना के अंतर्गत पंजीकृत आठ में से उपस्थित सात लाभार्थी बच्चों से संवाद किया।

जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत करते हुए उनकी शिक्षा, करियर संबंधी रुचियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पढ़ाई या जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे बिना किसी संकोच के जिला प्रशासन को अवगत कराएं।जिलाधिकारी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय गौरव ने पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं एवं अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बच्चों को स्पॉन्सरशिप सुविधा, आयु के अनुसार पोस्ट ऑफिस में जमा धनराशि का आहरण, पीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवर, तकनीकी शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति तथा कौशल विकास से जुड़े लाभार्थियों के लिए कर्मा छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

बैठक में आईएएस स्नेहिल कुंवर सिंह, उप जिलाधिकारी प्रतापनगर ने भी बच्चों से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और लक्ष्य निर्धारण के साथ आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष ऋषि कुमार, लीगल प्रोटेक्शन अधिकारी सुखदेव बहुगुणा, प्रोटेक्शन अधिकारी विनीता उनियाल, सीडब्ल्यूसी सदस्य निवेदिता पंवार, राजेंद्र गुसाईं, मस्तराम डोभाल, सोबन सिंह रावत, पवन नेगी, प्रमोद, नरेश चौहान, अमरजीत, अब्दुल वकार सहित बच्चे, उनके संरक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन द्वारा पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की यह पहल सराहनीय है, जो संवेदनशील शासन और जिम्मेदार प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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