राजकीय इंटर कॉलेज चमियाला में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने मनाया वीर बाल दिवस
साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार और गुड टच–बैड टच पर बच्चों को किया गया जागरूक
नरेंद्रनगर/टिहरी,26 दिसम्बर : जनपद टिहरी गढ़वाल के राजकीय इंटर कॉलेज चमियाला लाटा में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 टिहरी गढ़वाल द्वारा वीर बाल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को साहस, वीरता, त्याग और बलिदान के मूल्यों से परिचित कराना तथा उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना समन्वयक दीपक भट्ट ने की। उन्होंने बताया कि वीर बाल दिवस प्रत्येक वर्ष 26 दिसम्बर को सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादे बाबा फतेह सिंह और बाबा जोरावर सिंह की शहादत को श्रद्धांजलि स्वरूप मनाया जाता है। इस दिवस के माध्यम से बच्चों को देशभक्ति, साहस और बलिदान की भावना से प्रेरित किया जाता है।
समन्वयक दीपक भट्ट ने बच्चों को समाज में बढ़ते बाल अपराध और साइबर क्राइम के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक पर क्लिक न करने और सोशल मीडिया के सीमित प्रयोग पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और सिंड्रोम उत्पन्न हो रहे हैं, जिससे बचने के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेलों तथा अन्य शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने पढ़ाई से संबंधित विषयों जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के समाधान के लिए यूट्यूब जैसे शैक्षणिक संसाधनों के सकारात्मक उपयोग की भी सलाह दी।
कार्यक्रम में काउंसलर सरस्वती ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 टोल फ्री नंबर की जानकारी देते हुए बताया कि यह सेवा बेबस, बेसहारा और संकट में फंसे बच्चों की मदद के लिए है। उन्होंने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन बच्चों को भावनात्मक सहयोग, मार्गदर्शन और उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए कार्य करती है।
वहीं, केस वर्कर निकिता सुजल ने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को जागरूक करते हुए बताया कि यदि उन्हें अपने आस-पड़ोस या विद्यालय में किसी भी प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़े तो वे बिना डर के 1098 पर सूचना दे सकती हैं, जिससे समय पर उनकी सहायता सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को न केवल वीर बालों के बलिदान से प्रेरणा मिली, बल्कि उन्हें अपनी सुरक्षा, अधिकारों और डिजिटल जागरूकता के महत्वपूर्ण संदेश भी प्राप्त हुए।









