उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेती

एनएसएस शिविर के तीसरे दिन योग, नुक्कड़ नाटक व बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ का संदेश

मुनि की रेती, 2 जनवरी (दिलीप शर्मा): एनएसएस इकाई श्री पूर्णानंद इंटर कॉलेज, मुनि की रेती द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन विविध रचनात्मक एवं समाजोपयोगी गतिविधियों का आयोजन किया गया।

 

प्रार्थना सभा के उपरांत योगाचार्य सागर खंडूरी एवं मैडम मंजू के निर्देशन में स्वयंसेवियों को योग प्रशिक्षण दिया गया। इसके पश्चात समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से स्वयंसेवियों ने शीशम झाड़ी मुनि की रेती की विभिन्न गलियों तथा जानकी सेतु पुल के समीप नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ” अभियान चलाया।

 

जिला समन्वयक ने किया शिविर का निरीक्षण

इस अवसर पर जिला समन्वयक, टिहरी गढ़वाल डॉ. पी.सी. पैन्यूली ने शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयंसेवियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए समाजहित में निरंतर योगदान देने के लिए उन्हें प्रेरित किया। कार्यक्रम अधिकारी चंद्र मोहन सिंह रौथान ने जिला समन्वयक को शिविर की रूपरेखा एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।

बौद्धिक सत्र में बेटियों के सम्मान पर जोर

बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि समाजसेवी अजय रमोला ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां दो-दो घरों को रोशन करती हैं और उनके बिना जागरूक समाज की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटियां मां, बहन और पत्नी के रूप में साक्षात देवी स्वरूप होती हैं। बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता को बदलना होगा तथा भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध समाज को एकजुट होना चाहिए।
इस अवसर पर सभी बालिका स्वयंसेवियों की माताओं को सम्मानित भी किया गया।

श्रमदान व सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां

श्रमदान सत्र में स्वयंसेवियों द्वारा पुष्प वाटिका का निर्माण किया गया। साथ ही स्वयंसेवियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया। स्वयंसेवी पूनम द्वारा प्रस्तुत गीत “लड़की हूं मैं बोझ नहीं हूं” को उपस्थितजनों ने विशेष रूप से सराहा।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में लक्ष्मी देवी, गौरा देवी, रानी देवी, सरोज देवी, ललिता देवी, विशाखा देवी, सहायक कार्यक्रम अधिकारी राजू लाल, उत्तम नेगी, जयबीर नेगी, कुलवीर बुटोला, सुशील कुकरेती, प्रतिभा पंवार सहित अन्य गणमान्य लोग एवं स्वयंसेवी उपस्थित रहे।

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