उत्तराखंडदेहरादूनसमीक्षा बैठक

आपदा की स्थिति में तत्काल रिस्पांस सुनिश्चित करने के निर्देश

मानसून पूर्व तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा, नालों-नालियों की दो बार सफाई के आदेश

 

देहरादून(दिलीप शर्मा): केबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में आगामी मानसून सीजन को लेकर राज्य स्तरीय तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी जनपदों एवं रेखीय विभागों द्वारा मानसून अवधि में संभावित आपदाओं एवं आपात स्थितियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए मानसून का समय अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण होता है। एक ओर मानसून सीजन शुरू होने वाला है तो दूसरी ओर चारधाम यात्रा भी चरम पर रहती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों, जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियों को पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।

राहत एवं बचाव कार्यों में देरी न हो

मंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचें और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन में “रिस्पांस टाइम” सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सभी विभाग अपने रिस्पांस मैकेनिज्म को और अधिक प्रभावी और त्वरित बनाएं।

नालों-नालियों की दो बार सफाई के निर्देश

मानसून के दौरान जलभराव और शहरी बाढ़ की आशंका को देखते हुए मंत्री ने प्रदेशभर में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले कम से कम दो बार नालों और नालियों की सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने हाई कैपेसिटी पम्प, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और संचार संसाधनों को पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों की पूर्व तैनाती करने को भी कहा गया।

खाद्यान्न और ईंधन का पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश

बैठक में विनय कुमार रुहेला ने सभी जिलाधिकारियों को मानसून अवधि के लिए खाद्यान्न, राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि आपदा या मार्ग बाधित होने की स्थिति में आमजन को परेशानी न हो।

स्वास्थ्य सेवाओं को हर समय सतर्क रखने के निर्देश

मंत्री मदन कौशिक ने चारधाम यात्रा मार्गों और आपदा संभावित क्षेत्रों में मेडिकल पोस्ट स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। मानसून के दौरान जलजनित और संक्रामक रोगों की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को पूर्ण तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

पशुओं के बचाव के लिए बनेगी विशेष क्यूआरटी

पशुपालन विभाग को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में पशुओं के उपचार एवं बचाव के लिए विशेष क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित की जाए। उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए उसकी सुरक्षा भी प्राथमिकता में शामिल होनी चाहिए।

गर्भवती महिलाओं का पूर्व डेटा तैयार करने के निर्देश

मानसून के दौरान प्रसव संभावित महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मंत्री ने गर्भवती महिलाओं का पूर्व डेटा संकलित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित स्वास्थ्य केन्द्रों का चिन्हीकरण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

ट्रेकर्स की सुरक्षा के लिए बनेगी एसओपी

राज्य में बढ़ती ट्रेकिंग गतिविधियों को देखते हुए मंत्री ने ट्रेकिंग पॉलिसी तैयार करने और ट्रेकर्स की सुरक्षा हेतु विस्तृत एसओपी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग पर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा विवरण संबंधित एजेंसियों एवं यूएसडीएमए के पास उपलब्ध होना चाहिए। ट्रेकर्स के पास जीपीएस, संचार उपकरण और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाने पर भी जोर दिया गया।

मानसून से पहले नदियों का चैनलाइजेशन जरूरी

मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि बाढ़ और जलभराव की घटनाओं का प्रमुख कारण नदियों में अत्यधिक सिल्ट जमा होना है। उन्होंने मानसून शुरू होने से पहले नदियों की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। वन विभाग के अधीन क्षेत्रों में भी डिसिल्टिंग कार्य तेज करने को कहा गया। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यदि वन क्षेत्रों में ड्रेजिंग कार्य में कोई बाधा आ रही हो तो शासन स्तर पर समन्वय स्थापित कर उसका तत्काल समाधान निकाला जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव सी रविशंकर, सचिव रणवीर सिंह चौहान, सचिव आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं ऋद्धिम अग्रवाल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी फायर सुनील मीणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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