मधुबन आश्रम में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया कृष्णोत्सव 2026
मुख्य अतिथि नीलम बिज्लवाण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ, नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन




मुनिकीरेती,4 सितंबर(दिलीप शर्मा): मधुबन आश्रम, मुनिकीरेती में शुक्रवार को कृष्णोत्सव 2026 का भव्य एवं भक्तिमय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नीलम बिज्लवाण अध्यक्ष न. पा. परि. मुनिकीरेती-ढालवाला ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा परिसर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर नीलम बिज्लवाण ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा एवं आस्था व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। कृष्णोत्सव के माध्यम से प्रेम, सद्भाव, संस्कार और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कृष्णोत्सव का प्रमुख आकर्षण नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी लीलाओं एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की प्रतिभा, उत्साह और आत्मविश्वास ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।
बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान आश्रम परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अभिभावकों और कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
प्रेम, सद्भाव और संस्कारों का दिया संदेश
कृष्णोत्सव के अवसर पर आश्रम के परमाध्याक्ष परमानन्द जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को प्रेम, कर्म, धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि उनकी कृपा सभी क्षेत्रवासियों पर सदैव बनी रहे तथा समाज प्रेम, सद्भाव, संस्कार और आपसी भाईचारे से निरंतर समृद्ध होता रहे।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद ऋषिकेश के पूर्व अध्यक्ष दीप शर्मा, आश्रम प्रबंधक हर्ष कौशल, अशोक अग्रवाल (गुड्डू भाई), नरेश अरोड़ा एवं सभी आश्रम सेवक के साथ ही बड़ी संख्या मे भक्तगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। ‘जय श्रीकृष्ण’ के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।






