टिहरी बांध पुनर्वास के लंबित प्रकरणों पर आयुक्त आनंद स्वरूप ने की समीक्षा
पुनर्वास समन्वय उप समिति की बैठक में नाम परिवर्तन, मकानों की क्षति सहित विभिन्न मामलों पर हुआ प्रकरणवार विचार-विमर्श




मुनिकीरेती/टिहरी, 03 सितंबर(दिलीप शर्मा): गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गुरुवार को जिलाधिकारी ट्रांजिट कैंप कार्यालय, मुनिकीरेती में पुनर्वास समन्वय उप समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में टिहरी बांध पुनर्वास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों, लंबित प्रकरणों एवं लोगों की समस्याओं पर प्रकरणवार विस्तृत चर्चा की गई। समिति ने कई मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान टिहरी बांध पुनर्वास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की गई। इनमें पुनर्वास क्षेत्रों में नाम परिवर्तन, बांध क्षेत्र के ऊपर बने मकानों तथा मकानों को हुई क्षति समेत अन्य पुनर्वास संबंधी मामले शामिल रहे। समिति के सदस्यों ने प्रत्येक प्रकरण पर आवश्यक अभिलेखों एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विचार-विमर्श किया।
नियमों के तहत समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
आयुक्त आनंद स्वरूप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास से जुड़े मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों का समाधान समिति स्तर पर संभव है, उनमें नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। वहीं, जिन मामलों में शासन स्तर से निर्णय अपेक्षित है, उनके प्रस्ताव स्पष्ट आख्या एवं आवश्यक अभिलेखों के साथ शासन को भेजे जाएं, ताकि प्रभावित लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
लंबित मामलों की स्थिति की भी हुई समीक्षा
बैठक में पुनर्वास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों और लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों से ली गई। समिति द्वारा प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि पुनर्वास से संबंधित मामलों में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित पक्षों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, अपर जिलाधिकारी देहरादून केके मिश्रा, उप महाप्रबंधक पुनर्वास राकेश थपलियाल, उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल सहित पुनर्वास से संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।





