अखोड़ी इंटर कॉलेज से शुरू हुई 42वीं खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा
एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने किया शुभारंभ, बोले—हिमालय और ग्लेशियरों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी के साथ ठोस प्रयास जरूरी




टिहरी गढ़वाल, 2 सितंबर(दिलीप शर्मा): पर्वतीय लोकविकास समिति, भिलंगना क्षेत्र विकास समिति एवं इंद्रमणि बड़ोनी साहित्य एवं कला मंच घनसाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 42वीं ऐतिहासिक पांचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा का बुधवार को राजकीय अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज अखोड़ी से विधिवत शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महायात्रा आगामी 5 सितंबर तक विभिन्न पड़ावों से होकर संचालित होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए गए। दीप प्रज्ज्वलित कर महायात्रा के कार्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

हिमालय देश के जल और जैव विविधता का आधार : एडीएम
मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि हिमालय केवल उत्तराखंड की पहचान नहीं, बल्कि देश के जल, पर्यावरण और जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालय के ग्लेशियरों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ विषय है।
उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन की चुनौतियों को देखते हुए हिमालय संरक्षण के लिए जनभागीदारी के साथ ठोस एवं प्रभावी प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। जंगलों और जलस्रोतों के संरक्षण, प्लास्टिक एवं कचरे पर नियंत्रण तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार को जनअभियान का स्वरूप देने की जरूरत है।

युवाओं को हिमालय संरक्षण से जोड़ना जरूरी
एडीएम ने कहा कि हिमालय के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरणीय विरासत को सुरक्षित रखना भी बेहद जरूरी है। युवा पीढ़ी को हिमालय के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूक कर उन्हें इस अभियान से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा को हिमालय, पर्यावरण, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से लोगों में अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना मजबूत होती है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महायात्रा के शुभारंभ अवसर पर विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा क्षेत्रीय दलों से जुड़े कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में महायात्रा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने हिमालय, ग्लेशियर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर इंद्रमणि बड़ोनी साहित्य एवं कला मंच घनसाली के एडवोकेट लोकेंद्र दत्त जोशी, पर्वतीय लोकविकास समिति के अध्यक्ष प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।





