उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

एआई और गेमिफिकेशन से आसान होगी कठिन विषयों की पढ़ाई

डायट नई टिहरी में आईआईटी मद्रास के विद्या शक्ति केंद्र की कार्यशाला, चंबा, प्रतापनगर और जाखणीधार के 50 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण

नई टिहरी, 10 सितंबर(दिलीप शर्मा): जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), नई टिहरी में विद्या शक्ति केंद्र, आईआईटी मद्रास की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सिमुलेशन तथा गेमिफिकेशन आधारित शिक्षण तकनीकों के माध्यम से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों को विद्यार्थियों के लिए सरल, सहज एवं रोचक बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने प्रभारी प्राचार्य डायट दीपक रतूड़ी के साथ किया। इस दौरान उन्होंने तकनीक आधारित शिक्षा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए शिक्षकों से आधुनिक डिजिटल संसाधनों का रचनात्मक उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में विकासखंड चंबा, प्रतापनगर और जाखणीधार के विभिन्न विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक अध्यापन कराने वाले 50 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। विद्या शक्ति केंद्र आईआईटी मद्रास की ग्लोबल कन्वेनर शिवा और प्रोजेक्ट डायरेक्टर नागराजन ने शिक्षकों को एआई, सिमुलेशन और गेमिफिकेशन आधारित शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आधुनिक तकनीकों के प्रभावी प्रयोग से गणित एवं विज्ञान सहित अन्य विषयों की जटिल अवधारणाओं को विद्यार्थियों के स्तर के अनुरूप आसानी से समझाया जा सकता है। गेम आधारित गतिविधियों और सिमुलेशन के माध्यम से बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ा जा सकता है, जिससे उनकी रुचि और जिज्ञासा बढ़ेगी।

तकनीक के रचनात्मक उपयोग से बढ़ेगी सीखने की रुचि

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। एआई और डिजिटल माध्यमों का रचनात्मक उपयोग शिक्षकों को कठिन विषयों को सरल तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होने के साथ विद्यार्थियों में सीखने के प्रति रुचि, जिज्ञासा और समझ भी विकसित होगी।

आईआईटी मद्रास में प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलता है अवसर

विद्या शक्ति केंद्र आईआईटी मद्रास की ग्लोबल कन्वेनर शिवा एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर नागराजन ने बताया कि केंद्र की ओर से देशभर में प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए टैलेंट सर्च परीक्षा आयोजित की जाती है। प्रत्येक राज्य से चयनित शीर्ष 25 विद्यार्थियों और उनके शिक्षकों को आईआईटी मद्रास आमंत्रित किया जाता है। इसके बाद प्रत्येक वर्ष 13-14 अप्रैल को आईआईटी मद्रास में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर चयनित विद्यार्थियों एवं उनके शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है।

कार्यशाला में डायट समन्वयक वीर सिंह रावत, डॉ. विजय किशोर, डीपी जोशी, सुरेंद्र मोहन, रमेश डंगवाल, उदय मनवाल, लक्ष्मण रावत, संजय बिष्ट, नंदा चौहान, संगीता चौहान, विजयलक्ष्मी, रंजीत सिंह, सुनील कोठारी, नोमिता उनियाल, नीलम बागड़ी, दीपक बहुगुणा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

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