राज्यव्यापी भूकंप मॉक ड्रिल-2025 : SDRF की 42 टीमों ने दिखाई तत्परता, समन्वय और प्रोफेशनल दक्षता

देहरादून/ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : उत्तराखण्ड में भूकंप जैसी आकस्मिक आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने हेतु आज राज्यव्यापी भूकंप मॉक ड्रिल-2025 का सफल आयोजन किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के नेतृत्व में आयोजित इस व्यापक अभ्यास में SDRF उत्तराखण्ड ने प्रमुख भूमिका निभाई। राज्य के विभिन्न जनपदों में तैनात SDRF की 42 टीमों ने राहत एवं बचाव कार्यों का उच्च स्तरीय अभ्यास किया।

इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन का प्रभावी प्रदर्शन
अभ्यास में SDRF ने जिला पुलिस, NDRF, आर्मी, फायर सर्विस, रेड क्रॉस तथा अन्य आपदा प्रबंधन इकाइयों के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन, कैजुअल्टी इवैक्यूएशन, फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम, संचार व्यवस्था आदि प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप किए गए इस प्रशिक्षण ने सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत किया।

मॉक ड्रिल के उद्देश्य
- भूकंप की स्थिति में त्वरित एवं संगठित प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन
- विभिन्न एजेंसियों के बीच इंटर-एजेंसी समन्वय को सुदृढ़ करना
- उपलब्ध संसाधनों एवं उनकी उपयोगिता की समीक्षा
- नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना

विभिन्न परिदृश्यों पर किए गए अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान राज्यभर में निम्न आपदा परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव अभ्यास किए गए—
- बहुमंजिला आवासीय भवन के ढहने पर रेस्क्यू
- अस्पताल भवन के आंशिक ध्वस्त होने पर मरीजों व स्टाफ का सुरक्षित निकालना
- विद्यालय/कॉलेज में बच्चों के फंसने की स्थिति में त्वरित बचाव
- घायलों को चिकित्सा शिविरों तक पहुँचाने हेतु एम्बुलेंस रूट प्रबंधन
- बांध विफलता के बाद डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में अलर्ट और राहत कार्य
- अपार्टमेंट/मॉल/कॉम्प्लेक्स के ढहने पर परिवारों का रेस्क्यू
- औद्योगिक क्षेत्र में दीवार गिरने व रासायनिक रिसाव की स्थिति में प्रतिक्रिया
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने पर पर्यटक रेस्क्यू
- विद्युत सब-स्टेशन क्षतिग्रस्त होने पर आपूर्ति बाधित क्षेत्रों की सुरक्षा
- हिमस्खलन एवं ग्लेशियर झील फटने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया
- सुरंग धंसने पर मजदूरों को सुरक्षित निकालने का अभियान
राज्य की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को मिलेगा बल
SDRF टीमों ने सभी परिदृश्यों में तेज प्रतिक्रिया, अनुशासन व पेशेवर दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अधिकारियों के अनुसार, इस राज्यव्यापी मॉक ड्रिल से भूकंप जैसी आकस्मिक परिस्थितियों में उत्तराखण्ड की समग्र आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।









