एम्स ऋषिकेश में ईएम-पर्व 2025 का आयोजन, आपातकालीन चिकित्सा पर हुआ मंथन
ऋषिकेश, 31 जुलाई : एम्स ऋषिकेश में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन ईएम-पर्व 2025 का आयोजन किया गया। इमरजेंसी मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय रहा “अव्यवस्था में सटीकता – आपातकालीन क्रिटिकल केयर में महारत”, जिसमें देश-विदेश के चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया।
सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. सुनीता मंडल, एम्स निदेशक प्रो. डॉ. मीनू सिंह, प्रो. डॉ. जया चतुर्वेदी और प्रो. डॉ. सत्यश्री बालिजा ने संयुक्त रूप से किया। निदेशक प्रो. सिंह ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए ज्ञानवर्धक और प्रशिक्षण का श्रेष्ठ माध्यम हैं।
INNOVAT-EM कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को ब्रॉन्कोस्कोपी, थोराकोटॉमी, वेंट्रिकुलर ड्रेन प्लेसमेंट और एयरवे मैनेजमेंट जैसे क्रिटिकल प्रोसीजर की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई। साथ ही संस्थान के सेवावीरों को COLS (कम्प्रेशन ओनली लाइफ सपोर्ट) का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
सम्मेलन में प्रो. जूडिथ टिंटिनैली, प्रो. अमल मट्टू, डॉ. रशेल लियू, प्रो. टिम कोट्स, डॉ. वेंकट कोटमराजू जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। आयोजन की अगुवाई डॉ. निधि कैले और AEME निदेशक डॉ. अरुणाचलम आइंस्टीन ने की।
सम्मेलन के सफल आयोजन में डॉ. पूनम अरोड़ा, प्रो. अशीमा शर्मा, डॉ. भारत भूषण भारद्वाज समेत कई चिकित्सकों का विशेष सहयोग रहा।










