उत्तराखंडटिहरी गढ़वालसमीक्षा बैठक

विकास भवन में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

संस्थागत प्रसव बढ़ाने व पीसीपीएनडीटी पर कड़ी निगरानी के निर्देश

टिहरी गढ़वाल,04 मई(दिलीप शर्म): विकास भवन सभागार में प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में जनपद के सभी विकासखण्डों की स्वास्थ्य सेवाओं, योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान तेज किए जाएं तथा पीसीपीएनडीटी से जुड़े मामलों पर सख्त निगरानी रखी जाए। उन्होंने आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं को नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक माह एमपीआर में सभी सूचनाएं समयबद्ध एवं शुद्ध रूप में प्रस्तुत की जाएं। साथ ही, पिछले माह की तुलना में बेहतर प्रगति पर विभाग की सराहना करते हुए आमजन का स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने पर बल दिया।

हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी पर विशेष फोकस

सीडीओ ने निर्देशित किया कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों को चिन्हित कर उनकी नियमित ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

‘जीरो होम डिलीवरी’ अभियान पर जोर

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्याम विजय ने बताया कि जनपद में होम डिलीवरी को समाप्त करने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत फील्ड विजिट, संस्थागत प्रसव के लिए एक्शन प्लान तथा “Zero Home Delivery” के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सफल पहल एवं उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई।

लिंगानुपात सुधार के लिए विशेष प्रयास

बैठक में फकोट, प्रतापनगर एवं देवप्रयाग क्षेत्रों में लिंगानुपात सुधार के लिए आयोजित स्वास्थ्य शिविरों, मातृ स्वास्थ्य ट्रैकिंग शीट एवं डिलीवरी की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। साथ ही, होम डिलीवरी प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जा रहे हेल्थ कैंपों की समीक्षा भी की गई।

पीपीटी के माध्यम से प्रगति का प्रस्तुतीकरण

प्रत्येक विकासखण्ड द्वारा अद्यतन आंकड़े, उपलब्धियां, प्रगति रिपोर्ट, माइक्रोप्लान एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की गईं। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, ओपीडी/आईपीडी सेवाएं, रेफरल सिस्टम, 108 एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति तथा मोतियाबिंद मुक्त ग्राम पंचायतों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में चिकित्सकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों एवं सफल मामलों को साझा किया। इस अवसर पर जिला अस्पताल बोराडी के सीएमएस अमित राय, पीएचसी नरेंद्रनगर की सीएमएस डॉ. सुनीता, डॉ. ऋषभ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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