उत्तराखंडऋषिकेश

महिला के बयान से भूचाल, प्रॉपर्टी डीलरों में खलबली

पति पर रियल एस्टेट कारोबारियों के साथ शराब व अनैतिक संबंधों का दबाव डालने का आरोप, बयान दर्ज होते ही बड़ी कारोबारी में हलचल

ऋषिकेश: विशेष शुत्रों से पता चला है कि तीर्थ नगरी ऋषिकेश की रियल एस्टेट इंडस्ट्री इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पति द्वारा नामचीन प्रॉपर्टी डीलरों के साथ शराब और अनैतिक संबंधों के लिए दबाव बनाने के संगीन आरोपों में पीड़ित विवाहिता का कोतवाली में बयान दर्ज होते ही रसूखदार कारोबारियों की नींद उड़ गई है। वर्षों से ‘सफेदपोश’ छवि ओढ़े घूम रहे रियल एस्टेट के बड़े चेहरों पर अब कानून की परछाईं साफ दिखने लगी है।

साम-दाम-दंड-भेद भी फेल, नहीं झुकी पीड़िता

कानूनी शिकंजे से बचने के लिए कई दिनों तक पर्दे के पीछे जोड़-तोड़, दबाव और समझौते के तमाम हथकंडे अपनाए गए, लेकिन पीड़िता टस से मस नहीं हुई। एफआईआर के मुताबिक महिला ने न केवल पूरी बेबाकी से पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया, बल्कि पति के खिलाफ तलाक की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है।

कॉकटेल, दबाव और आत्महत्या की धमकी

एफआईआर में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि पति ने विवाहिता को रियल एस्टेट कारोबारियों के सामने ‘कॉकटेल पार्टियों’ में परोसने का दबाव बनाया। जब महिला ने साफ इनकार किया तो उसे आत्महत्या की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि इस नाजायज मंशा में पति के साथ ससुर और अन्य ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल रहे।

रसूखदार चेहरे अंडरग्राउंड

जिन चेहरों को अब तक समाज में शालीनता और ग्लैमर का प्रतीक माना जाता था, वे अब अज्ञात भय के साये में बताए जा रहे हैं। सेक्स और शराब की कथित रंगीनियों ने रियल एस्टेट जगत की चमकदार परत उधेड़ दी है। बीते एक सप्ताह तक पीड़िता को बयान से रोकने के लिए हरसंभव दबाव डाला गया, लेकिन कानून के आगे रसूख बेअसर साबित हुआ।

राज्य महिला आयोग सख्त, निष्पक्ष जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग भी हरकत में आ गया है। आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कोतवाली पुलिस से सीधे पूछताछ कर मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

कानून की दहलीज पर खड़ा हाई-प्रोफाइल मामला

अनैतिक दबावों से टूट चुकी विवाहिता ने अंततः कानून का दरवाजा खटखटाया। एफआईआर और बयान दर्ज होने के बाद यह मामला अब हाई-प्रोफाइल जांच की शक्ल ले चुका है। आने वाले दिनों में जांच की आंच किन-किन रसूखदारों तक पहुंचती है, इस पर पूरे शहर की नजरें टिकी हैं। देखना यह है कि धर्मनगरी ऋषिकेश की छवि को धूमिल करने वाले इन रसूखदार रियलस्टेट कारोबारीयों के ऊपर किस प्रकार की कानूनी कार्यवाही  होती है ? क्या पीड़ित महिला को उचित न्याय मिलेगा ?

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