सफाई अपनाओ – बीमारी भगाओ” अभियान के तहत बच्चों को दिया गया स्वच्छता का संदेश
नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला की टीम ने सरस्वती शिशु मंदिर में किया जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

टिहरी / मुनिकीरेती, 25 जुलाई 2025 – नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला द्वारा संचालित “सफाई अपनाओ – बीमारी भगाओ” अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर, 14 बीघा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छता, संक्रमण से बचाव और प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूक करना था।

पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण एवं अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी के निर्देश पर प्रभारी सफाई निरीक्षक कैलाश चंद्र सेमवाल के नेतृत्व में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर की गई।

इसके उपरांत आई.ई.सी. (इंफॉर्मेशन, एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन) टीम द्वारा कक्षा 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं को मानसून सत्र में होने वाले संक्रमण एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। बच्चों को हैंडवॉश की सही प्रक्रिया समझाने के लिए एक हैंडवॉश एक्टिविटी भी कराई गई। टीम ने बच्चों को बताया कि नियमित रूप से हाथ धोने से अनेक बीमारियों से बचाव संभव है।

कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया और बच्चों को इसे त्यागने का संदेश दिया गया। प्लास्टिक प्रतिबंध के समर्थन में स्टिकर वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त बच्चों को कूड़ा प्रबंधन के बारे में भी समझाया गया, जिसमें गीले कूड़े के लिए हरे डस्टबिन और सूखे कूड़े के लिए नीले डस्टबिन के प्रयोग की जानकारी दी गई।
टीम ने सभी बच्चों से अपील की कि वे अपने घरों का कूड़ा केवल निर्धारित कूड़ा वाहन में ही दें और स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के अंत में एक स्वच्छता क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें वंश और नंदिनी विजेता घोषित हुए।
इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह नेगी, सुपरवाइजर जितेन्द्र सिंह सजवाण, शिक्षक धर्म सिंह नेगी तथा अध्यापिकाएं प्रियंका जुगलान, कल्पना नेगी, शिवानी रतूड़ी, प्रिया डोबरियाल, तृप्ति भट्ट, पूनम बिष्ट एवं आई.ई.सी. टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
नगर पालिका की यह पहल स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है, जिससे न केवल छात्र-छात्राएं, बल्कि उनके माध्यम से पूरे समाज को सकारात्मक संदेश मिलेगा।









