अंतर्राष्ट्रीय नशा उन्मूलन दिवसउत्तराखंड

अंतर्राष्ट्रीय नशा उन्मूलन एवं अवैध तस्करी निरोध दिवस,परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों को नशा मुक्त जीवन जीने का कराया संकल्प

नशे की लत से बाहर निकलने के लिये सिर्फ कानून नहीं, करुणा चाहिए - स्वामी चिदानन्द सरस्वती

पौड़ी / परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश), 26 जून : आज अंतर्राष्ट्रीय नशा उन्मूलन एवं अवैध तस्करी निरोध दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने विशेषकर युवाओं को संदेश देते हुये कहा कि नशे को कहे ना और जीवन को कहे हाँ।

नशा, एक मूक हत्यारा है जो हर वर्ष लाखों जिंदगियाँ निगल लेता है। नशा न केवल शरीर को, बल्कि मन, समाज और आत्मा को भी भीतर से खोखला करता है। नशा, एक मीठा जहर है और नाश का कारण भी है। यह न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलता है, बल्कि राष्ट्र की ऊर्जा और शक्ति को भी छीन लेता है।

स्वामी जी ने कहा कि युवाओं के हाथों में केवल नशा या सिगरेट नहीं, पूरे राष्ट्र का भविष्य है इसलिये अपने जीवन को नशे की गिरफ्त से निकालकर सेवा, संस्कार और संकल्प के मार्ग पर लगाओ। उन्होंने कहा कि युवाओं को उड़ान भरने के लिए नशा नहीं, आत्मबल चाहिए।
स्वामी जी ने आह्वान किया कि नशे की लत से बाहर निकलने के लिये सिर्फ कानून नहीं, करुणा चाहिए। सिर्फ पुलिस नहीं, पालक चाहिए। केवल नियंत्रण नहीं, चेतना का निर्माण चाहिए इसलिये नशे को कहे ना और जीवन को कहे हां।

स्वामी जी ने कहा कि यदि हमें सच में समाज को संगठित अपराध और नशे से मुक्त करना है, तो केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि निवारक और पुनर्वासक उपायों में निवेश करना होगा। आजीविका के साधनों का सृजन कर युवाओं को रोजगार और आत्मविश्वास देना होगा, जिससे वे नशे की दलदल में न फँसें।

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