
ऋषिकेश/देहरादून, (दिलीप शर्मा): वन विभाग की कार्यवाही से ऋषिकेश के श्यामपुर, गुमानीवाला, मानसादेवी, बापू ग्राम, मीरा नगर, 20बीघा आदि क्षेत्र की जनता मे भारी आक्रोश है, वहीं वन भूमि पर अवैध कब्ज़ाधारी लोगों द्वारा जनता को भड़काकर क्षेत्र मे अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।

उच्चतम न्यायालय के आदेश पर चल रही थी कार्यवाही
माo उच्चतम न्यायालय के आदेशों के क्रम में वन विभाग द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही थी। इस कार्यवाही में पुलिस, वन विभाग एवं प्रशासन की संयुक्त टीमें शामिल थीं।

विरोध के नाम पर राजमार्ग और रेल मार्ग किया गया अवरुद्ध
कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलवे लाइन पर बैठकर आवागमन रोक दिया गया, जिससे 06 ट्रेनें विलंबित हो गईं और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इससे आमजन की सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ।
समझाने के प्रयास के बावजूद किया गया पथराव
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का लगातार प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और पुलिस, वन विभाग एवं प्रशासन की टीमों पर पथराव कर दिया। इस घटना में कई लोगों को चोटें भी आईं।
साथ ही धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सड़क को भी पूरी तरह जाम कर दिया गया।
एसएसपी देहरादून मौके पर पहुंचे, स्थिति को संभाला
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद प्रदर्शनकारियों को राजमार्ग और रेल मार्ग से हटवाकर यातायात को सुचारू कराया गया।
इसके साथ ही जनपद देहरादून एवं आसपास के जिलों से एकत्रित पुलिस बल के साथ ऋषिकेश-श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
उपद्रवियों और भड़काने वालों के खिलाफ अभियोग दर्ज
पुलिस द्वारा राजमार्ग व रेलमार्ग अवरुद्ध करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, आमजन एवं यात्रियों को परेशान करने, आपात सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न करने तथा जनता को उकसाकर हिंसक गतिविधियों में शामिल करने वालों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किए जा रहे हैं।
उपद्रव फैलाने और भीड़ को भड़काने वाले लोगों की शिनाख्त की जा रही है।
लाठीचार्ज की खबरें भ्रामक, पुलिस ने किया खंडन
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारी रेल मार्ग पर बैठकर यातायात बाधित कर रहे थे, जिन्हें हटाने के लिए केवल समझाइश की गई थी। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया।
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों पर भी कार्रवाई
पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार, अफवाह और भ्रामक खबरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
ऐसी सामग्री प्रसारित करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई एवं अभियोग पंजीकृत किया जाएगा।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी भ्रामक सूचना को साझा न करने की अपील की है। कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









