एम्स ऋषिकेश में ट्रॉमा रथ के साथ विश्व आघात सप्ताह का शुभारंभ
जनमानस को आपदा एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रति किया जाएगा जागरूक


ऋषिकेश,( दिलीप शर्मा ) : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में विश्व आघात सप्ताह का विधिवत आगाज़ हुआ। सोमवार को एम्स की निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने ट्रॉमा सेंटर के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमर आजम और डॉ. मधुर उनियाल के संचालन में ट्रॉमा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

गौरतलब है कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में अक्सर प्राकृतिक आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं होती रहती हैं। इन घटनाओं में जनहानि को कम करने और त्वरित राहत प्रबंधन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से हर वर्ष 11 से 17 अक्टूबर तक विश्व आघात सप्ताह मनाया जाता है।
इस अवसर पर बताया गया कि एम्स की ट्रॉमा टीम द्वारा संचालित ट्रॉमा रथ विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों का भ्रमण करेगा। टीम वहां लोगों को आपदा या सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार, त्वरित ट्रॉमा प्रबंधन और जीवनरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में आघात प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करना है।
कार्यक्रम में एम्स की संकायाध्यक्ष (अकादमिक) प्रो. (डॉ.) जया चतुर्वेदी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) बी. सत्या श्री, ट्रॉमा सर्जरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के डॉ. नीरज कुमार, डॉ. रूबी कटारिया, रिसर्च कंसल्टेंट डॉ. शांतम पोखरियाल, डॉ. आदित्य चौधरी सहित वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी अखिलेश उनियाल, दीपिका कांडपाल, दिनेश लुहार, गौरव शर्मा, जितेंद्र वर्मा, नर्सिंग ऑफिसर शशिकांत, वनेपाल, मेघा भट्ट, अनामिका, शीला तथा सुरक्षा कर्मी एवं अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।









