हरिद्वार,14 जुलाई 2025 – आज कांगड़ा घाट पर उस समय हड़कंप मच गया जब गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार के पांच सदस्य नदी के तेज बहाव में बहने लगे और डूबने की कगार पर पहुंच गए। गंगा की गहराई और प्रवाह से अनजान यह सभी लोग स्नान करते-करते धीरे-धीरे गहराई में चले गए और तेज बहाव में फंसकर चीख-पुकार मचाने लगे। “बचाओ-बचाओ” की गुहार सुन घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षाबलों में अफरा-तफरी मच गई।

गनीमत रही कि SDRF की टीम पहले से ही घाट पर सतर्कता से निगरानी में तैनात थी। ड्यूटी पर मुस्तैद SDRF टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम का नेतृत्व कर रहे SI पंकज खरोला के निर्देशन में हेड कांस्टेबल आशिक अली तथा कांस्टेबल नीतेश खेतवाल ने तुरंत स्थिति को भांपा और डग्गी (बोट) की सहायता से डूबते कांवड़ियों तक तेजी से पहुंचे।
दूसरी ओर, SDRF के अन्य सदस्य हेड कांस्टेबल विजय खरोला, कांस्टेबल कविंद्र चौहान, शिवम, अनिल और रमेश ने तैराकी के माध्यम से नदी में उतरकर सभी को एक-एक कर सुरक्षित डग्गी में बैठाया। घाट के किनारे पहले से मुस्तैद टीम के अन्य सदस्यों ASI प्रविन्द्र धस्माना, प्रकाश मेहता और तकनीकी विशेषज्ञ अंकित पाल ने थ्रो बैग की सहायता से रेस्क्यू ऑपरेशन को मजबूती दी और सभी पीड़ितों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।
रेस्क्यू किए गए पांचों सदस्य हरियाणा के गुड़गांव जिले के फारुखनगर निवासी हैं—
आरती पुत्री संजय, उम्र 19 वर्ष
पलक पुत्री संजय, उम्र 15 वर्ष
सागर पुत्र संजय, उम्र 16 वर्ष
विशाल पुत्र कुक्कू, उम्र 18 वर्ष
वीर पुत्र कुक्कू, उम्र 14 वर्ष
रेस्क्यू के बाद पीड़ितों की माता-पिता ने SDRF टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया और टीम के साहस, तत्परता और मानवीय सेवा भावना की प्रशंसा की।
एक ही दिन में 11 लोगों को बचाया
उक्त घटना के अतिरिक्त आज SDRF द्वारा कांगड़ा घाट पर 6 अन्य श्रद्धालुओं को भी गंगा में डूबने से बचाया गया। SDRF की सक्रियता और सतर्क निगरानी से आज एक बड़ा हादसा टल गया और कई परिवारों की खुशियां सलामत रहीं।
SDRF की यह बहादुरीपूर्ण कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि आपदा के समय यह बल पूरी निष्ठा, साहस और तत्परता से जनसेवा में सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।










