उत्तराखंडमुनि की रेतीसीमा विवाद

मुनिकीरेती-ढालवाला व तपोवन पंचायत के बीच सीमा विवाद गरमाया

पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण की अध्यक्षता में हुई बैठक, जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति

टिहरी/मुनिकीरेती(ऋषिकेश),28 अगस्त– नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला और नगर पंचायत तपोवन के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद गुरुवार को और गहराता नजर आया। पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने इस मुद्दे को लेकर पालिका सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, पूर्व बोर्ड सदस्यों और नागरिकों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में सर्वसम्मति से नगर पंचायत तपोवन द्वारा मुनिकीरेती क्षेत्र में बोर्ड लगाने का विरोध किया गया और मामले को प्रशासनिक स्तर पर हल करने की मांग उठी।

 

विवाद की जड़ – मुनिकीरेती क्षेत्र में लगाया गया तपोवन का बोर्ड-

बीते दिनों नगर पंचायत तपोवन ने लक्ष्मण झूला रोड़ स्थित पेट्रोल पंप के समीप भूमि पूजन कर अपना बोर्ड लगा दिया था। यह क्षेत्र नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की सीमा के अंतर्गत आता है। इस पर स्थानीय निवासियों, सभासदों और पालिकाध्यक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए बोर्ड को हटा दिया था।

बैठक में उठी आवाजें-

बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने अपने विचार रखते हुए सीमा विवाद पर स्पष्ट राय दी।

वरिष्ठ समाजसेवी चन्द्रवीर पोखरियाल ने कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह प्रशासनिक है, दोनों निकाय बैठकर समाधान निकालें।

सेवानिवृत्त अधिकारी खुशहाल सिंह राणा ने दावा किया कि हाथीधारा के बाद से तपोवन की सीमा शुरू होती है, कुंभ मेले के दौरान भी इसी आधार पर कार्य हुए थे।

पूर्व राज्य मंत्री रमेश उनियाल ने 1994 व 2014 के गजट नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि मुनिकीरेती की सीमाएं पूर्व में ही तय हो चुकी हैं।

पूर्व अध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल ने गजट नोटिफिकेशन में हाथीधारा तक मुनिकीरेती की सीमा होने का दावा किया।

सभासद प्रतिनिधि सचिन पैन्यूली ने सुझाव दिया कि पालिका तत्काल अपनी सीमा में बोर्ड लगाए और तपोवन पंचायत से बातचीत कर विवाद सुलझाए।

समाजसेवी मनीष डिमरी ने कहा कि पालिका पूर्व से ही सीमाओं पर विज्ञापन बोर्ड लगाकर राजस्व वसूल रही है।

अनुराग पयाल ने उदाहरण दिया कि सीमा के समीप रहने वाले लोग हाउस टैक्स पालिका में जमा करते हैं और वोटर भी पालिका में ही दर्ज हैं।

पूर्व सभासद सुभाष चौहान ने बताया कि होटल लेमन ट्री तक सफाई कार्य पालिका द्वारा किया जा रहा है।

समाजसेवी घनश्याम नौटियाल ने कहा कि सीमा वोटर लिस्ट के आधार पर तय मानी जानी चाहिए।

शूरवीर सिंह चौहान ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पालिका सीमा की रक्षा की अपील की।

अधिवक्ता रामावल्लभ भट्ट ने कहा कि प्रशासक काल में कोई विवाद नहीं था, अचानक सीमा विस्तार करना संदेह पैदा करता है।

सभासद गजेंद्र सजवाण ने दावा किया कि पालिका की सीमा हाथीधारा तक है, क्योंकि वहां भवनकर पूर्व में पालिका द्वारा लगाया गया।

पालिकाध्यक्ष का रुख-

सभी की रायशुमारी सुनकर पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि सीमा विवाद का हल शीघ्र ही निकाला जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके का निरीक्षण करेगी। जरूरत पड़ने पर दोनों निकायों के गजट नोटिफिकेशन का अध्ययन भी किया जाएगा।

बैठक में उपस्थित

बैठक में अधिशासी अधिकारी अंकिता जोशी, सभासद विनोद खंडूड़ी, लक्ष्मण भंडारी, विनोद सकलानी, सभासद प्रतिनिधि रोहित गोडियाल, अजय रमोला, अरविंद नेगी, शिव प्रसाद खंकरियाल, भगवती प्रसाद सकलानी, देवेश उनियाल, रामकृष्ण पोखरियाल, जगमोहन कुड़ियाल, धर्म सिंह, गोरा सिंह पोखरियाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

👉 सीमा विवाद अब प्रशासन की निगरानी में है। दोनों निकायों के गजट नोटिफिकेशन और राजस्व विभाग के सीमांकन के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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