एम्स ऋषिकेश में ‘सतत नर्सिंग शिक्षा’ कार्यक्रम शुरू
नर्सिंग अधिकारियों के लिए सी.एन.ई. की शुरुआत, बाल चिकित्सा वेंटिलेशन पर पहली कार्यशाला


ऋषिकेश, 24 जुलाई 2025:
एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान और कौशल संवर्धन हेतु अब नियमित रूप से ‘सतत नर्सिंग शिक्षा’ (सी.एन.ई.) कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस पहल की शुरुआत बुधवार को नर्सिंग विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से की गई, जिसमें नर्सिंग स्टाफ को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों व पद्धतियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि सी.एन.ई. से नर्सिंग प्रोफेशन को नई दिशा मिलेगी और यह कार्यक्रम नर्सिंग अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल के लिए अधिक सक्षम बनाएगा। उन्होंने समय-समय पर कार्यशालाओं, सम्मेलनों और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्या श्री ने इसे नर्सिंग अधिकारियों के लिए बहुप्रयोजनीय बताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से नर्सिंग स्टाफ की स्किल्स का उन्नयन होगा और इससे रोगी देखभाल प्रणाली सुदृढ़ होगी। डीन रिसर्च प्रो. शैलेन्द्र हांडू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्य नर्सिंग अधिकारी डॉ. अनिता रानी कंसल ने बताया कि यह कार्यक्रम भारतीय नर्सिंग परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त है और इससे नर्सिंग अधिकारियों को एविडेन्स बेस्ड प्रैक्टिस के लिए प्रेरणा मिलेगी। साथ ही, यह उनके लाइसेंस रिन्यूअल के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सी.एन.ई. के नियमित आयोजनों से नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
कार्यक्रम के पहले दिन बाल चिकित्सा वेंटिलेशन और श्वसन सहायता जैसे विषयों पर चरणबद्ध ढंग से व्यवहारिक प्रशिक्षण और नवीनतम जानकारी दी गई।
सी.एन.ई. कार्यक्रम को सफल बनाने में सीएनई सेल के कोऑर्डिनेटर व डीएनएस जीनू जैकब, अरुण रवि, आयोजन सचिव डीएनएस श्रीकांत देसाई, एएनएस हेमंत कुमार आदि का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल प्रो. स्मृति अरोड़ा, डीएमएस डॉ. रवि कुमार सहित सभी डीएनएस, एएनएस और एसएनओ मौजूद रहे।









