उत्तराखंडकेबिनेट बैठकदेहरादून

10 साल की सेवा पर उपनल कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन, कैबिनेट की ऐतिहासिक मंजूरी

मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में बड़ा फैसला, हजारों कर्मचारियों को राहत, श्रम मंत्री सुबोध उनियाल की भूमिका सराही गई

देहरादून, (दिलीप शर्मा): राज्य सरकार ने उपनल कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए समान वेतन को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय से निरंतर सेवाएं दे रहे उपनल कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान प्रदान किया जाएगा।

इस फैसले से प्रदेशभर के हजारों उपनल कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्षों से वेतन असमानता का सामना कर रहे कर्मचारियों ने इसे न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है। कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय के लिए श्रम मंत्री सुबोध उनियाल का विशेष आभार जताया है। उनका कहना है कि मंत्री ने कर्मचारियों की मांग को लगातार और प्रभावी रूप से कैबिनेट के समक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक फैसला संभव हो पाया।

सरकार का मानना है कि समान वेतन लागू होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता व निष्ठा में भी इजाफा होगा। इससे सरकारी कार्यों की गुणवत्ता और निरंतरता सुनिश्चित होगी। हालांकि इस निर्णय से राज्य के वेतन व्यय में वृद्धि होगी, लेकिन शासन ने इसे कर्मचारी कल्याण और सामाजिक न्याय की दिशा में आवश्यक कदम बताया है।

श्रम मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह फैसला सरकार की कर्मचारी-हितैषी सोच को दर्शाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियम के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि पात्र कर्मचारियों को जल्द इसका लाभ मिल सके।

यह निर्णय न केवल उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है, बल्कि समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे अन्य कर्मियों के लिए भी एक मजबूत मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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