हृदय स्वास्थ्य के लिए कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज जरूरी — एम्स ऋषिकेश में संपन्न हुआ यूकेसीएसआई का तीन दिवसीय सम्मेलन


ऋषिकेश, 10 नवम्बर (दिलीप शर्मा) : एम्स ऋषिकेश में आयोजित उत्तराखंड कार्डियोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया (यूकेसीएसआई) के द्वितीय वार्षिक सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के नामचीन हृदय रोग विशेषज्ञों ने भाग लेकर हृदय रोगों के बढ़ते मामलों पर चिंतन किया और हृदय स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज को अपनाने पर बल दिया।

सम्मेलन के अंतिम दिन डीएम और डीएनबी मेडिकल छात्रों के लिए विशेष ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किए गए। इनमें ‘ए कंटिन्यूइंग वर्डन इन मॉडर्न कार्डियोलॉजी’, जन्मजात हृदय रोगों की चुनौतियां और ‘कार्डियो एग्जिट प्रेप’ जैसे विषयों पर विस्तृत व्याख्यान हुए। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित कार्डियो एक्सरसाइज न केवल हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाती है, बल्कि वजन प्रबंधन, रेस्पिरेटरी फंक्शन, ब्लड शुगर नियंत्रण और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करती है।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक और पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली के चेयरमैन प्रो. के.के. तलवार थे। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी सहित कई विशेषज्ञों ने उपस्थित होकर विचार साझा किए।
विशेषज्ञों ने जन्मजात हृदय रोगों के लक्षणों और चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सांस लेने में तकलीफ, तेज धड़कन, थकान, वजन का न बढ़ना और बार-बार संक्रमण होना इसके सामान्य लक्षण हैं। साथ ही कार्डियक कैथेटराइजेशन, ईसीजी और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से सटीक निदान और उपचार की जानकारी दी गई।
सम्मेलन के आयोजन सचिव डाॅ. बरूण कुमार ने बताया कि बढ़ते हृदय रोगों को लेकर विशेषज्ञों ने तकनीक आधारित त्वरित और प्रभावी निदान पर मंथन किया। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कार्डियोलॉजिस्ट डाॅ. फिरोज अब्दुल, डाॅ. चेतन वर्मा और डाॅ. विनोद शर्मा ने भी विशेष व्याख्यान दिए।
सम्मेलन में एम्स की चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सत्या श्री बलिजा, आयोजन समिति के डाॅ. अमरपाल गुल्हाटी, डाॅ. भानु दुग्गल, डाॅ. अमर उपाध्याय, डाॅ. प्रीति शर्मा, डाॅ. तनुज भाटिया, डाॅ. योगेन्द्र सिंह समेत देश के विभिन्न मेडिकल संस्थानों से आए अनेक हृदय रोग विशेषज्ञ और मेडिकल छात्र मौजूद रहे।









