एम्स ऋषिकेश में एंटीमाइक्रोबियल जागरूकता: नुक्कड़ नाटक, रोले-प्ले और क्विज़ के माध्यम से जनसंदेश
एंटीबायोटिक के सही उपयोग, स्वच्छता व टीकाकरण पर फोकस

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : विश्व एंटीमाइक्रोबियल जनजागरूकता सप्ताह (WAAW 2025) के तहत एम्स ऋषिकेश में गुरुवार को मेडिकल विद्यार्थियों, हाउसकीपिंग व हॉस्पिटल अटेंडेंट्स की टीम ने अस्पताल परिसर व विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से मरीजों व नागरिकों को स्वच्छता, हैंड हाईजीन, अनिवार्य टीकाकरण, पर्यावरण संरक्षण और एंटीबायोटिक के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया।
एम्स निदेशक प्रो. डॉ. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस श्रृंखला में “अभी कदम बढ़ाएं, वर्तमान बचाएं और भविष्य सुरक्षित करें” थीम के अनुरूप जागरूकता कार्यक्रम हुए। आयोजन सचिव डॉ. पी.के. पंडा ने बताया कि तीन दिवसीय अभियान में एंटीबायोटिक के दुरुपयोग के खतरों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
रोले-प्ले से जागरूकता का संदेश
सीनियर नर्सिंग अधिकारी प्रियंका पाटियाल के नेतृत्व में हाउसकीपिंग व अटेंडेंट्स ने स्वच्छता व एंटीबायोटिक उपयोग पर प्रभावशाली रोले-प्ले प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्याश्री, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि, डॉ. अनीता रानी कंसल समेत कई संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
थानो इंटर कॉलेज में छात्रों का रोले-प्ले
विश्व एएमआर सप्ताह के तहत थानो स्थित शहीद सैनिक श्री नरपाल सिंह अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज में एम्स विद्यार्थियों ने एएमआर के कारणों, प्रभावों व जिम्मेदार दवा-उपयोग पर रोले-प्ले कर छात्रों और शिक्षकों को जागरूक किया। कार्यक्रम डॉ. प्रकाश, डॉ. मनीष शर्मा व श्री अरुण (DNS) के पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया।
छात्रों के लिए एएमआर पर क्विज़ प्रतियोगिता भी हुई, जिसके विजेताओं को 24 नवंबर को सम्मानित किया जाएगा।
15 क्षेत्रों में आइस-ब्रेकिंग सत्र
अस्पताल के 15 विभागों में विशेषज्ञों ने आइस-ब्रेकिंग सत्र आयोजित कर स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण रोकथाम प्रथाओं और एएमआर नियंत्रण रणनीतियों के प्रति संवेदनशील बनाया।
यह अभियान जनमानस व स्वास्थ्यकर्मियों में एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस के प्रति प्रभावी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।









