उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की विशेष भेंटवार्ता

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज जी के बीच हुई विशेष भेंटवार्ता में राज्य के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में रुद्राक्ष टूरिज्म, पीस टूरिज्म, योग-ध्यान टूरिज्म, ईको-फ्रेंडली होम स्टे, ऑर्गेनिक कृषि, टिहरी झील को विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने तथा युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
दोनों संतों ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। पर्यावरण-अनुकूल मॉडल, वेलनेस सेंटर, रेजिडेंशियल स्कूल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्तिकरण तथा नारी-युवा उत्थान पर भी सहमति बनी।
विशेष चर्चा:
प्रदेश को नशामुक्त उत्तराखंड बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा गया कि शराब, मांस और किसी भी प्रकार के नशे से देवभूमि की पवित्रता प्रभावित होती है। ऋषिकेश, हरिद्वार और चारधाम सहित सभी तीर्थ क्षेत्रों में पूर्ण प्रतिबंध को आवश्यक बताया गया, ताकि प्रदेश की आध्यात्मिक गरिमा और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।









