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मुख्यमंत्री धामी ने IAS अधिकारियों संग अनौपचारिक बैठक में दिए प्रेरक संदेश

तेजी, पारदर्शिता और जनकेंद्रित प्रशासन को बनाया प्राथमिकता; कहा—“यह दशक उत्तराखंड का दशक”

देहरादून, 22 नवंबर (दिलीप शर्मा) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित वरिष्ठ एवं युवा IAS अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक वर्तमान में जारी प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के क्रम में आयोजित की गई।

बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसी औपचारिक संबोधन का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन के प्रति उनकी संवेदनशील और आत्मीय भावनाओं को साझा करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की राज्य की यात्रा में अनेक चुनौतियों के बीच प्रशासनिक तंत्र ने निरंतर मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शिता के साथ राज्य को आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन का परिचय देने के लिए आप सभी साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन “यह दशक उत्तराखंड का दशक है” का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले पाँच वर्ष राज्य के लिए निर्णायक साबित होंगे और प्रशासन की भूमिका इससे भी अधिक महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को तेजी, पारदर्शिता और लक्ष्य-आधारित कामकाज को प्राथमिकता देनी होगी। फाइलों का समयबद्ध निस्तारण, योजनाओं का जमीनी प्रभाव और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को प्रभावित करती हैं, इसलिए लालफीताशाही, देरी और असंवेदनशीलता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी सेवा की मूल भावना की याद दिलाते हुए कहा कि IAS सेवा धन या पद के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के लिए योगदान के उद्देश्य से चुनी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में सूर्यप्रताप सिंह, टी. एन. शेषन और नृपेंद्र मिश्र जैसे अधिकारियों ने अपनी ईमानदारी और जनसेवा से अमिट छाप छोड़ी है।

उन्होंने कहा—“पद की प्रतिष्ठा आपके कार्यकाल तक सीमित है, लेकिन आपके कार्यों का सम्मान जीवनभर रहता है।” मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, निर्णय तेजी और बुद्धिमत्तापूर्वक लिए जाएं तथा सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुँचे।

उन्होंने मासिक समीक्षा, नियमित मॉनिटरिंग और साइट निरीक्षण को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी AOC के दौरान मिले अनुभवों और चर्चाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ IAS अधिकारी राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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