
ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : गीता जयंती के पावन अवसर पर मान्यता प्राप्त विद्यालय प्रबंधकीय एसोसिएशन, ऋषिकेश द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विविध विद्यालयी प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। श्री स्वामीनारायण आश्रम, शीशम झाड़ी मुनिकीरेती में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्राथमिक, जूनियर एवं सीनियर वर्गों में श्लोक वाचन, श्लोक संभाषण, सुलेख, चित्रकला एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार हासिल किए।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ गीताचार्य स्वामी उत्तमानंद सरस्वती महाराज एवं स्वामीनारायण आश्रम के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक सुनील भगत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
‘गीता—जीवन जीने की दिव्य कला’
गीता जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वामी उत्तमानंद सरस्वती ने बच्चों को बताया कि श्रीमद्भगवद्गीता स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का दिव्य संकलन है, जो मनुष्य को श्रेष्ठ जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कहा कि गीता के उपदेश धर्म, कर्तव्य और कर्म के मार्ग पर दृढ़ता से चलने की प्रेरणा देते हैं।
स्वामीनारायण आश्रम के अध्यक्ष सुनील भगत ने कहा कि आज के डिजिटल और जटिल युग में गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिव्य पद्धति है। उन्होंने कहा कि गीता मन, विचार और कर्म को संतुलित कर जीवन की उलझनों से उबरने की शक्ति प्रदान करती है। आधुनिक समय के भ्रम और दबाव के बीच गीता परिवारों और बच्चों के लिए मार्गदर्शक दीपक के समान है।
‘गीता से मिलता है साहस और बौद्धिक समृद्धि’
मान्यता प्राप्त प्रबंधकीय विद्यालय एसोसिएशन ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने अध्ययनकाल में गीता का अध्ययन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राहुल रावत ने कहा कि गीता का सार यही है कि जीवन की मायामय चुनौतियों से भागना नहीं, बल्कि अडिग रहकर उनका सामना करना सीखना चाहिए। गीता व्यक्ति को संघर्ष करने की शक्ति देती है।
अधिकारियों व शिक्षकों की उपस्थिति
कार्यक्रम में महासचिव राजीव थालियाल, संजय पांडेय, माधुर जखमोला, राकेश त्यागी, दीपक बिष्ट, रवप्रीत छाबड़ा, मीनाक्षी रावत, राहुल त्रिपाठी, खुशवंत नेगी, रामकृष्ण पोखरियाल सहित अनेक शिक्षक, प्रतिनिधि एवं अभिभावक उपस्थित रहे।









