हरिद्वार (दिलीप शर्मा) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले की दस प्रमुख स्नान तिथियों की घोषणा कर दी। जनवरी से अप्रैल तक चलने वाला यह मेला कई नई परंपराओं का साक्षी बनेगा। पहली बार साधु-संतों के साथ चार शाही अमृत स्नान आयोजित किए जाएंगे, जिसे आध्यात्मिक परंपरा में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी अखाड़ों को आमंत्रित करते हुए अर्धकुंभ को भव्य और दिव्य स्वरूप में आयोजित करने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने दोहराया कि अर्धकुंभ का आयोजन कुंभ मेले की तर्ज पर व्यापक और गरिमामय रूप में किया जाएगा।
प्रमुख पर्व स्नान तिथियां
- 14 जनवरी 2027 – मकर संक्रांति
- 6 फरवरी 2027 – मौनी अमावस्या
- 11 फरवरी 2027 – बसंत पंचमी
- 20 फरवरी 2027 – माघ पूर्णिमा
शाही अमृत स्नान तिथियां
- 6 मार्च 2027 – महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान)
- 8 मार्च 2027 – सोमवती/फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान)
- 14 अप्रैल 2027 – मेष संक्रांति/वैशाखी (तीसरा अमृत स्नान)
20 अप्रैल 2027 – चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान)
अन्य महत्वपूर्ण तिथियां
7 अप्रैल 2027 – नव संवत्सर
15 अप्रैल 2027 – राम नवमी
अखाड़ा परिषद की ओर से तिथियों की घोषणा के साथ ही अर्धकुंभ की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत करने और मेले को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाने के लिए भी चर्चा हुई।










