झूठे धर्मगुरुओं से सनातन धर्म को सबसे बड़ा खतरा : स्वामी रसिक महाराज
श्री गंगा गौ सेवा समिति, मुनिकीरेती की ओर से माँ गंगा की दैनिक आरती से पूर्व स्वामी रसिक महाराज का किया गया भव्य स्वागत

मुनिकीरेती/ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): उत्तर प्रदेश सनातन धर्म विकास परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म और संस्कृति कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म की बुनियाद धर्मग्रंथ होते हैं, जो यह बताते हैं कि जीवन कैसे जिया जाए और जीव की वास्तविकता क्या है, लेकिन आज का तथाकथित हिंदू अपने ही धर्मग्रंथों से दूर होता जा रहा है।
स्वामी रसिक महाराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सनातन धर्म को सबसे बड़ा खतरा किसी अन्य धर्म से नहीं, बल्कि झूठे और पाखंडी धर्मगुरुओं से है, जो भीतर-ही-भीतर इसकी नींव को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो हिंदू कहलाता है, वह केवल परंपराओं और अंधविश्वासों तक सीमित रह गया है, जबकि शास्त्रों और धर्म के मूल सिद्धांतों से उसका संबंध टूट चुका है।
श्री गंगा गौ सेवा समिति, मुनिकीरेती की ओर से माँ गंगा की दैनिक आरती से पूर्व स्वामी रसिक महाराज का भव्य स्वागत किया गया। सायं 5 बजे पूज्य महाराज भगवान आदि बद्रीनारायण श्री शत्रुघ्न मंदिर, मुनिकीरेती पहुंचे, जहाँ मंदिर के महंत मनोज प्रपन्नाचार्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया। इसके पश्चात मंदिर एवं माँ गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई।
माँ गंगा की आरती के दौरान उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि आज देश में लव जिहाद, धर्मांतरण और बढ़ती नशे की प्रवृत्ति अत्यंत घातक होती जा रही है। युवाओं को अपने भविष्य के प्रति सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण संत समाज को नगर-नगर और गांव-गांव जाकर सनातन धर्म की रक्षा के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरि महाराज, केशव स्वरूप ब्रह्मचारी, गंगा गौ सेवा समिति के अध्यक्ष महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, सचिव रमाबल्लभ भट्ट, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, नगर पालिका अध्यक्ष नीलम विजल्वाण, हिमांशु विजल्वाण, सुरकंडा देवी डोली उपासक आचार्य अजय विजल्वाण, प्रधानाचार्य डॉ. जनार्दन कैरवान, विजय बडोनी, गोपाल चौहान, आचार्य जितेन्द्र भट्ट, आचार्य सुभाष डोभाल, मनमोहन शर्मा, मनन द्विवेदी, पुष्पा ध्यानी, विमल बडोनी, भारत भूषण कुकरेती, कमल सिंह राणा, सुरेन्द्र भंडारी, दर्शनी भंडारी, शैलेन्द्र बहुगुणा, योगेश बहुगुणा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।









