उत्तराखंडपौड़ी

सम्मान से वंचित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की पीड़ा पर यमकेश्वर में हुई अहम बैठक

गंगा भोगपुर में आंदोलनकारियों ने सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया, संघर्ष को राजनीतिक स्तर पर ले जाने का ऐलान

लक्ष्मणझुला/पौड़ी (दिलीप शर्मा): यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंगा भोगपुर में सम्मान से वंचित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी अर्जुन सिंह नेगी ने की, जबकि पूर्व सैनिक सुदेश भट्ट कार्यक्रम के संरक्षक रहे।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1994 के उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान यमकेश्वर क्षेत्र के अनेक आंदोलनकारियों ने पूरे समर्पण के साथ संघर्ष किया, लेकिन राज्य गठन के बाद उन्हें आज तक उचित सम्मान और पहचान से वंचित रखा गया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि चिन्हीकरण की प्रक्रिया में उनके साथ सौतेला व्यवहार किया गया।

आंदोलनकारियों ने बताया कि आंदोलन के दौरान प्रतिदिन की गतिविधियों का लिखित विवरण आज भी उनके पास मौजूद है, इसके बावजूद कई सक्रिय आंदोलनकारियों को चिन्हित नहीं किया गया, जिससे उनमें गहरी पीड़ा है।

बैठक में यूकेडी के वरिष्ठ नेता डॉ. शक्तिशैल कपुरवान तथा उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार सहित मोर्चा के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। यमकेश्वर में पहली बार पहुंचे बॉबी पंवार का स्थानीय जनता और राज्य आंदोलनकारियों ने जोरदार स्वागत किया।

इस अवसर पर बॉबी पंवार ने सम्मान से वंचितआंदोलनकारियों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ने का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस विषय पर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए तो यह संघर्ष पुनः पूरे उत्तराखंड में सड़कों पर लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर उठाया जाए।

बैठक के दौरान सम्मान से वंचित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच (यमकेश्वर) के पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से मनोनयन किया गया। इसमें संरक्षक पूर्व सैनिक सुदेश भट्ट, अध्यक्ष अर्जुन सिंह नेगी, उपाध्यक्ष चंद्र मोहन सिंह, सचिव गोपाल सिंह अधिकारी, सह-सचिव संजीव कंडवाल, कोषाध्यक्ष हेमंत कुकरेती तथा सदस्य के रूप में हरेंद्र रावत, वीरपाल पयाल, हरेंद्र रौथान, अरुण जुगलान, दौलत पयाल और देवेंद्र जुगलान को चुना गया।

संरक्षक चुने जाने पर सुदेश भट्ट ने कहा कि वे पूरे उत्तराखंड में सम्मान से वंचित राज्य आंदोलनकारियों को उनका उचित सम्मान दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की पहचान आंदोलनकारियों के बलिदान और परिश्रम से ही बनी है और उन्हें सम्मान दिलाना हम सबका नैतिक कर्तव्य है।

कार्यक्रम में यमकेश्वर क्षेत्र के सभी राज्य आंदोलनकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही इस अवसर पर दिवंगत राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यमकेश्वर के वरिष्ठ आंदोलनकारी स्वर्गीय इंद्र दत्त शर्मा तथा वरिष्ठ नेता स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रधान घाईखाल चंद्र मोहन रौथान ने किया।

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