
ऋषिकेश, 3 जनवरी (दिलीप शर्मा): हरिचंद गुप्ता आदर्श कन्या इंटर कॉलेज, ऋषिकेश की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित विशेष शिविर के चतुर्थ दिन को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया गया। शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों में सहभागिता की।
प्रभात फेरी एवं योग से दिन की शुरुआत
चतुर्थ दिन की शुरुआत स्वयंसेवियों ने अनुशासित दिनचर्या के साथ की। प्रातःकाल दौड़ के माध्यम से शारीरिक सक्रियता को बढ़ावा दिया गया, जिसके पश्चात योग सत्र आयोजित किया गया। योग अभ्यास के दौरान मानसिक शांति, एकाग्रता एवं शारीरिक दक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्वच्छता अभियान और नुक्कड़ नाटक
स्वच्छता दिवस के अवसर पर स्वयंसेवियों ने बंगाली बस्ती, माया कुंड क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। स्वयंसेवियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावी संदेश दिया, जिसे स्थानीय लोगों ने सराहा।
बौद्धिक सत्र एवं विशेष कार्यशाला
शिविर के अंतर्गत आयोजित बौद्धिक सत्र में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने छात्राओं को उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं।
एसबीआई बैंक से आए श्री आशीष ठाकुर ने डिजिटल अवेयरनेस एवं बैंकिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, डॉक्टर श्री राजे सिंह नेगी ने बच्चों को नेत्र स्वास्थ्य और आंखों की देखभाल के विषय में विस्तार से समझाया। छात्राओं ने सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रश्न भी पूछे।
प्रधानाचार्य का मार्गदर्शन
कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती पूनम रानी शर्मा ने छात्राओं को जीवन कौशल, अनुशासन एवं सामाजिक सेवा के महत्व पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने एनएसएस के माध्यम से व्यक्तित्व विकास और समाज सेवा की भूमिका पर प्रकाश डाला।
शिक्षकगण की सक्रिय उपस्थिति
शिविर के सफल संचालन में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अमित अरोड़ा, श्रीमती जागृति कंडवाल, कुमारी मोनिका कंडवाल सहित अन्य अध्यापिकाओं की सक्रिय उपस्थिति और मार्गदर्शन रहा।
कुल मिलाकर, NSS विशेष शिविर का चतुर्थ दिन स्वच्छता, स्वास्थ्य, डिजिटल जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के संदेश के साथ प्रेरणादायी रहा, जिससे स्वयंसेवियों में सेवा भाव और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।









