उत्तराखंडटिहरी गढ़वालमुनि की रेती

एनएसएस विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस : नशा मुक्त एवं संस्कारयुक्त उत्तराखंड का संदेश

मुनिकीरेती/टिहरी (दिलीप शर्मा): एनएसएस इकाई श्री पूर्णानंद इंटर कॉलेज, मुनि की रेती द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस को “नशा मुक्त उत्तराखंड, संस्कारयुक्त उत्तराखंड” थीम के अंतर्गत विविध जन-जागरूकता गतिविधियाँ संपन्न हुईं। शिविर के तहत स्वयंसेवियों ने नगर पालिका मुनि की रेती क्षेत्र में घर-घर जाकर नागरिकों से नशा न करने की अपील की तथा सामाजिक एवं पारिवारिक समारोहों में नशा न परोसने की शपथ दिलाई। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवियों ने कुल 378 परिवारों से संपर्क कर उन्हें नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।

 

योग अभ्यास से हुई दिन की शुरुआत

दिन का शुभारंभ योगाचार्य सागर खंडूरी एवं मंजू मेहरा के निर्देशन में योग अभ्यास के साथ हुआ, जिसमें स्वयंसेवियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

बौद्धिक सत्र में पर्यावरण संरक्षण पर जोर

बौद्धिक सत्र की मुख्य अतिथि नगर पालिका मुनि की रेती की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण प्रदूषण से वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों को होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में सुधार कर बड़े संकटों से बचा जा सकता है। यदि गीले एवं सूखे कूड़े को अलग-अलग रखा जाए तो खाद निर्माण एवं रीसाइक्लिंग में सुविधा होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।

युवाओं से योग की ओर बढ़ने का आह्वान

क्षेत्र में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश के युवाओं को योग के प्रति रुचि बढ़ानी चाहिए, ताकि वे नशे से दूर रह सकें। उन्होंने स्वयंसेवियों की सराहना करते हुए कहा कि जन-जागरूकता अभियानों से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है और ऐसे प्रयासों से एक दिन सामाजिक बुराइयाँ अवश्य समाप्त होंगी।

ठंड को देखते हुए अलाव की व्यवस्था

कार्यक्रम अधिकारी चंद्र मोहन सिंह ने अत्यधिक ठंड के कारण स्वयंसेवियों को हो रही कठिनाइयों से अध्यक्ष को अवगत कराया। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष द्वारा स्वयंसेवियों के लिए तुरंत अलाव की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

लोकगीतों व कविताओं से नशे पर प्रहार

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने “दारू मा दारू दारू ह्वेगे”, “जक्की द्याख तकी पड़ूं”, “सुन्गुरू बनिगी झांझी” जैसे लोकगीतों एवं कविताओं के माध्यम से समाज में बढ़ते नशे के कुप्रभावों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

श्रमदान से पुष्प वाटिका एवं किचन गार्डन का निर्माण

श्रमदान सत्र में स्वयंसेवियों द्वारा पुष्प वाटिका एवं किचन गार्डन का निर्माण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं स्वावलंबन का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर सहायक अध्यापक राजू लाल, पूजा नौटियाल, प्रतिभा पंवार, कुलबीर बुटोला, सुशील कुकरेती, पुष्पा शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button