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ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ बसंतोत्सव 2026, मैराथन व संस्कृत क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाया दमखम

महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य जी के सान्निध्य में हुआ शुभारंभ, कर्नल अमित अत्री ने मैराथन विजेताओं को किया सम्मानित, संस्कृत छात्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां - देखें संपूर्ण कार्यक्रम की एक झलक

 

ऋषिकेश, 20 जनवरी(दिलीप शर्मा): झंडा चौक स्थित श्री भरत मंदिर परिसर में मंगलवार को महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य जी महाराज के द्वारा विधिवत ध्वजारोहण के साथ बसंतोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। बसंतोत्सव समिति ऋषिकेश के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रातः मैराथन दौड़ जनपद स्तरीय संस्कृत छात्र क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

मैराथन प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक वर्ग में रीत थापा ने प्रथम, जितेश कुमार ने द्वितीय तथा सिद्धार्थ पंत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में रिया भंडारी प्रथम, प्रिया कश्यप द्वितीय एवं गुनगुन तृतीय स्थान पर रहीं। अंडर-14 बालक वर्ग में राघवेंद्र दास प्रथम, कपिल यादव द्वितीय व मोहित भट्ट तृतीय रहे, जबकि बालिका वर्ग में राधिका राणा ने प्रथम, प्रत्यक्ष ने द्वितीय तथा प्रांसी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल अमित अत्री ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता का सफल आयोजन संयोजक सुनील प्रभाकर एवं सह संयोजक प्रवीन रावत के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

इसके पश्चात श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के मैदान में जनपद स्तरीय संस्कृत छात्र क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में संस्कृत शिक्षा विभाग के उप निदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य, महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य जी, मेला संयोजक एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल तथा महंत रवि प्रपन्नाचार्य ने दीप प्रज्ज्वलन कर प्रतियोगिताओं का आरंभ किया। ध्वजारोहण के उपरांत मुख्य अतिथि ने मार्चपास्ट की सलामी ली।

डॉ. वाजश्रवा आर्य ने बसंतोत्सव समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से संस्कृत छात्रों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को नई दिशा मिलती है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्राप्त होता है।

क्रीड़ा समिति संयोजक डॉ. जनार्दन कैरवान ने बताया कि प्रतियोगिताओं में वॉलीबॉल, कबड्डी, 100, 200 व 400 मीटर दौड़, लंबी कूद तथा गोला फेंक जैसी विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं। सायंकालीन पुरस्कार वितरण समारोह में उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव श्री पद्माकर मिश्रा ने विजेताओं को सम्मानित किया।

 

संस्कृत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छाया उत्सव का रंग
सांस्कृतिक संध्या में आचार्य बालकृष्ण जी ने महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य जी महाराज के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रक्तवीर पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट को 155 बार रक्तदान करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि “संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है, मंत्रों की शक्ति है और जीवन का सार है।”
कार्यक्रम में ऋषिकेश के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

 

इस अवसर पर मेला संयोजक दीप शर्मा, विनय उनियाल, वरुण शर्मा, महंत रवि शास्त्री, प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, के.एल. दीक्षित, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, पार्षद माधवी गुप्ता, गोविंद सिंह रावत, सुभाष डोभाल, संजीव कुमार, अमित चटर्जी, रंजन अंथवाल, दीपक भारद्वाज, आदित्य झा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बसंतोत्सव 2026 के प्रथम दिन का यह आयोजन उत्साह, संस्कृति और खेल भावना का अनुपम संगम बन गया।

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