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देहरादून में अब सिक्स प्लस वन (6+1) नियम से ही चलेंगे विक्रम, आगे सवारी बैठाने पर सीधी सीज कार्रवाई

हाईकोर्ट के निर्देश पर आरटीओ का सख्त आदेश, मंगलवार से नियम तोड़ने वाले विक्रमों पर 20 हजार तक जुर्माना और परमिट पर कार्यवाही

देहरादून, 16 दिसम्बर (दिलीप शर्मा): शहर में नियम-कायदों को ताक पर रखकर चल रहे विक्रमों पर अब परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। नैनीताल हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार से केवल वही विक्रम सड़कों पर दौड़ेंगे, जिनमें चालक सहित कुल सात नहीं, बल्कि केवल छह सवारियां ही बैठाई जाएंगी। चालक के बगल में आगे वाली सीट पर सवारी बैठाने पर अब सीधे सीज की कार्यवाही की जाएगी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के सचिव एवं आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी की ओर से विक्रम संचालकों को आगे की सीट हटाने के लिए पहले ही 10 सितंबर तक का समय दिया गया था। निर्देशों की अनदेखी करने वाले विक्रमों की फिटनेस और टैक्स से जुड़ा कोई भी कार्य न करने के आदेश भी जारी किए गए थे, बावजूद इसके संचालकों ने नियमों का पालन नहीं किया।

इसी क्रम में सोमवार को आरटीओ ने सख्त आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मंगलवार से शहर में केवल सिक्स प्लस वन श्रेणी के अनुरूप ही विक्रम संचालित होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रमों को मौके पर ही सीज किया जाएगा।

आदेश के तहत चालक के केबिन को एक ओर से लोहे या फाइबर की चादर से पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। इसके विकल्प के रूप में लोहे की रॉड लगाकर भी केबिन बंद किया जा सकता है। परमिट की शर्तों के अनुसार विक्रम में पीछे की दोनों सीटों पर केवल छह सवारियां ही बैठाई जा सकेंगी। वर्तमान में कई विक्रम चालक पीछे आठ सवारी और आगे चालक के बगल में दो सवारी बैठाकर वाहन चला रहे हैं।

परिवहन विभाग के अनुसार शहर में कुल 784 विक्रम आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं। पहले विक्रम दो श्रेणियों—सेवन प्लस वन और सिक्स प्लस वन—में पंजीकृत थे, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी विक्रम केवल सिक्स प्लस वन श्रेणी में ही माने जाएंगे। इसका अर्थ है कि आगे की सीट केवल चालक के लिए आरक्षित रहेगी और वहां सवारी बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

आरटीओ ने बताया कि यदि किसी विक्रम में आगे सवारी बैठी पाई गई तो उस पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही ओवरलोडिंग और परमिट शर्तों के उल्लंघन में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष-2019 में भी हटाई गई थी आगे की सीट
गौरतलब है कि वर्ष-2019 में तत्कालीन आरटीओ सुधांशु गर्ग ने भी विक्रमों से आगे की सीट हटवाकर लोहे की रॉड से केबिन बंद कराया था। हालांकि बाद में विक्रम चालकों ने रॉड निकालकर दोबारा आगे सवारी बैठानी शुरू कर दी थी। वर्ष-2021 में परिवहन मुख्यालय द्वारा विक्रमों को सेवन प्लस वन श्रेणी में मानने का आदेश दिया गया था, जिसे सिटी बस यूनियन ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायालय ने उस आदेश को निरस्त करते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार परिवहन मुख्यालय को नहीं है।

हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब देहरादून में विक्रम केवल सिक्स प्लस वन श्रेणी में ही संचालित किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्यवाही तय है।

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